दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को सुनंदा पुष्कर हत्या मामले की सुनवाई करते हुए उनकी मौत से पहले उनके ट्वीट को चार्जशीट का हिस्सा बनाने से मना कर दिया है। बता दें कि कोर्ट में शशि थरूर के वकील ने सुनंद पुष्कर के ट्वीट को चार्जशीट का हिस्सा बनाने की मांग की थी।
गौरलतब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर संदिग्ध परिस्थितियों में छह साल पहले 17 जनवरी, 2014 को होटल लीला के कमरे में मृत पाई गई थीं। इससे एक दिन पहले पाकिस्तान की पत्रकार मेहर तरार के साथ ट्विटर पर उनकी लड़ाई हुई थी। 16 जनवरी को उन्होंने बेहद सकारात्मक ट्वीट किए थे, जिनसे ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी तरह के दबाव या तनाव में हैं और खुदकुशी कर सकती हैं।
ऑटोप्सी के बाद सुनंदा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उस समय की ऑटोप्सी रिपोर्ट ने संकेत दिया था कि नींद की गोलियों के ओवरडोज के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि रिपोर्ट से यह नहीं पता चला कि उनकी मौत कैसे हुई और यह आत्महत्या थी या नहीं। वहीं उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुनंदा की मौत जहर से हुई और उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे बांह, हाथ, पैर आदि पर चोट के 12 निशान थे।
सुनंदा पुष्कर का जन्म एक कश्मीरी पंडित परिवार में 27 जून 1964 को हुआ था। उनके पिता सेना में अधिकारी थे। 1990 में उनका परिवार बोमई से जम्मू आकर बसा था क्योंकि आतंकी हमले के दौरान उनके घर को जला दिया गया था।