दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बीते आठ साल से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के लिए आयोजित होने वाला समर कैंप इस बार अब तक शुरू नहीं हुआ है। जबकि सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश हुए 10 दिन से अधिक का समय हो गया है। हर साल समर कैंप के दौरान मिशन बुनियाद के तहत कमजोर बच्चों के लिए शैक्षणिक कक्षाएं लगती हैं, बल्कि संगीत, थियेटर, पेंटिंग व नृत्य की बारीकियां भी सिखाई जाती हैं।
सरकारी स्कूलों के शिक्षक बताते हैं कि ऐसा पहली बार है कि छुट्टियां हो चुकी हैं लेकिन समर कैंप को लेकर अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। दरअसल अभी अधिकतर शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया में लगी है। अभी शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण अभी ऐसा संभव नहीं हो पा रहा हो। वहीं शिक्षा निदेशालय में अभी कोई स्थायी शिक्षा निदेशक भी नही है। वहीं शिक्षक मान कर चल रहे हैं कि ऐसा संभव है कि चुनाव संपन्न होने के बाद जून में कुछ दिनों के लिए समर कैंप आयोजित करने का आदेश जारी कर दिया जाए। क्योंकि शिक्षा विभाग की ओर से मिशन बुनियाद के लिए स्कूलों से शिक्षकों का डेटा भी मांगा गया है। बीते साल ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होते ही समर कैंप आयोजित करने का आदेश आ गया था। समर कैंप 11 मई से 10 जून तक आयोजित हुआ था।
सिसोदिया ने शुरू की थी समर कैंप की प्रक्रिया
वर्ष 2022 में 11 मई से 15 जून तक कैंप आयोजित किया गया था। यह कैंप सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लाभप्रद होते हैं क्योंकि निजी स्कूल के बच्चे तो महंगी फीस चुका कर निजी संस्थानों से इनका लाभ ले लेते हैं। जबकि सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए महंगी फीस दे पाना संभव नहीं हो पाता है। मालूम हो कि आम आदमी पार्टी की सरकार के गठन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इन समर कैंप को आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान न केवल तीसरी से आठवीं तक के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, पढ़ना, लिखना और गणित के बुनियादी बातों को सिखाया जाता है बल्कि संगीत, थियेटर, पेटिंग, नृत्य, मैथिली लेखन कला में प्रशिक्षित किया जाता है।