जाम से छुटकारा दिलाने के नाम पर सुल्तानपुरी-नांगलोई रोड पर बनाए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। हालत यह है कि दो वर्षों में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य होने के बावजूद आरओबी 14 वर्ष बाद भी तैयार नहीं हो पाया है। इससे वाहन चालकों को रोहतक रोड तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर दूर मंगोलपुरी अंडरपास या फिर पीरागढ़ी होकर जाना पड़ता है। इससे समय बर्बाद होने के साथ-साथ ईंधन की खपत अधिक हो रही है। साथ ही, निर्माण स्थल पर स्थानीय लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जाम व प्रदूषण के कारण कारोबार भी चौपट हो गया है। कई लोगों ने दुकानें बंद कर दी हैं।
दरअसल, सुल्तानपुरी-नागलोई रोड पर दो रेलवे क्राॅसिंग पर दो परियोजनाओं आरओबी व आरयूबी को वर्ष 2008 में मंजूरी मिली। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2010 में शुरू हुआ, लेकिन 2021 तक धन की कमी, अतिक्रमण समेत अन्य कारणों से आरओबी का काम केवल 70 प्रतिशत हो सका। गत वर्ष आरयूबी को शुरू कर दिया गया। वर्तमान में आरओबी का निर्माण कार्य बंद है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि फंड समेत अन्य कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित है। इसका जल्द समाधान निकाला जाएगा।
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0 करोड़ की लागत 100 करोड़ रुपये तक पहुंची
परियोजना की शुरुआत में अंडरपास के पिलर डालने का काम पूरा किया गया। इसके बाद फ्लाईओवर निर्माण शुरू करने के लिए दुकानों को हटाना था, लेकिन कुछ दुकानदारों व निगम के बीच विवाद के कारण काम बीच में ही रोकना पड़ा। इस बीच ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया, तब निगम के अधिकारियों ने कोई निर्णय ही नहीं लिया। बाद में जब स्थानीय लोगों ने आंदोलन चलाया तो नेताओं ने वर्ष 2014 में अधूरे बने अंडरपास को जनता के आवागमन के लिए खोल दिया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू कराने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जनता की शिकायतों और जन आंदोलन के दबाव के बाद निगम अधिकारियों ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया और दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की। फिर से निर्माण कार्य शुरू किया गया। गत वर्ष आरयूबी काे शुरू कर दिया गया, लेकिन आरओबी का कार्य कब पूरा होगा यह किसी को नहीं पता। निर्माण में देरी के कारण 50 करोड़ रुपये की परियोजना की लागत 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है।
आधे घंटे की देरी पांच मिनट में होगी पूरी
आरओबी के शुरू होने से कार से लेकर बड़े वाहन चालकों के लिए न केवल सुल्तानपुरी से नांगलोई के बीच आवाजाही आसान होगी, बल्कि सुल्तानपुरी, नांगलोई, किराड़ी, पूठकलां, रोहिणी सेक्टर-20,21,22, मंगोलपुरी के अलावा कई अन्य इलाकों के लोगों को रोहतक रोड तक पहुंचना आसान हो जाएगा। आधे घंटे की दूरी महज पांच मिनट में पूरी होगी।