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जैसे ही पिता सुहैब को कोर्ट ने किया बरी, अदालत में बैठी बेटी के छलके आंसू, कहा- आज मैं बहुत...

Sat, 06 Oct 2018 04:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुहैब इलियासी को उम्रकैद की सजा से बरी किए जाने पर उनके ससुराल पक्ष ने चुप्पी साध ली, लेकिन इलियासी की 20 वर्षीय बेटी आलिया ने पिता की रिहाई पर खुशी जताई है। फैसला सुनाने के दौरान अदालत में मौजूद आलिया ने कहा मुझे हमेशा अपने पिता पर भरोसा था, आज मैं बहुत खुश हूं।

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जेल में बंद होने के चलते इलियासी अदालत में उपस्थित नहीं था, लेकिन पिता की जिंदगी का फैसला सुनने के लिए आलिया अदालत आईं थी। जैसे ही अदालत ने उसके पिता को बरी करने का फैसला सुनाया आलिया की आंखों में आंसू आ गए। 

पूछने पर कहा अपने पापा को हत्या के आरोप से आजादी मिलने पर वह खुश है। वर्ष 1997 में जन्मी आलिया ने नम आखों से कहा मैं अभी मैं कुछ ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं हूं। हमें काफी कुछ भुगतना पड़ा है। गौरतलब है कि अंजू की मौत के बाद इलियासी ने सौम्या खान से दूसरी शादी कर ली, जिसकी बेटी आलिया है।

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अंजू की मौत से शोएब के बरी होने तक

सुहैब इलियासी - फोटो : self
अंजू की मौत से शोएब के बरी होने तक
.11 जनवरी 2000: अंजू को जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान मौत।  
.18 जनवरी: एम्स के मेडिकल बोर्ड ने कहा अंजू का खुदकुशी के लिए खुद को जख्मी करने की संभावना।  
.28 मार्च : शोएब इलयासी को पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में गिरफ्तार किया, अंजू की बहन ने शोएब पर लगाए हत्या के आरोप।  
.अक्तूबर: पुलिस ने शोएब के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धाराओं में आरोप पत्र किया दाखिल।  
.29 मार्च 2003 को कड़कडड़ूमा जिला अदालत ने शोएब पर दहेज प्रताड़ना व दहेज हत्या की धाराओं में आरोप तय किए।  
.17 जुलाई: अभियोजन पक्ष ने हत्या की धारा जोड़ने के लिए लगाई अर्जी।  
.03 फरवरी 2004: कोर्ट ने अभियोजन की अर्जी की खारिज।  
.12 जुलाई 2005: अंजू की मां ने नए सिरे से जांच की उठाई मांग।  
.04 अगस्त:  कोर्ट ने अंजू की अर्जी की खारिज।  
.19 अगस्त 2010: शोएब पर हत्या की धारा लगाने के लिए दोबारा अर्जी दायर।  
.19 फरवरी 2011:  अदालत ने इस अर्जी को किया खारिज। अंजू की मां रुकमा सिंह ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका।  
. मई 2012: अंजू के शरीर पर आई चोटों के विश्लेषण के लिए दोबारा मेडिकल बोर्ड का गठन।  
.05 जनवरी 2013: शोएब इलयासी ने नया मेडिकल बोर्ड बनाने को हाईकोर्ट में दी चुनौती।  
.07 जनवरी: शोएब की याचिका पर सुनवाई के बाद नए सिरे से मेडिकल बोर्ड बनाने का दिया निर्देश।  
.12 अगस्त 2014: हाईकोर्ट ने नए मेडिकल बोर्ड बनाने की अर्जी की खारिज, शोएब पर हत्या की धाराओं में आरोप तय करने का दिया निर्देश।  
.21 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा हत्या की धारा लगाए जाने के खिलाफ शोएब की याचिका की खारिज।  
.16 दिसंबर 2017: अदालत ने हत्या की धारा में शोएब को ठहराया दोषी।  
.20 दिसंबर 2017: जिला अदालत ने शोएब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।  
.13 मार्च 2018:  शोएब ने जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में दी चुनौती 
.15 मार्च:  हाईकोर्ट ने याचिका पर दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब।  
.26 अप्रैल: हाईकोर्ट से शोएब को मिली चार सप्ताह की अंतरिम जमानत।  
.14 मई: हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से किया इंकार।  
.31 मई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट जाएं शोएब।  
.17अगस्त: हाईकोर्ट ने शोएब की अपील पर फैसला किया सुरक्षित।  
.05अक्तूबर: हाईकोर्ट ने शोएब को किया बरी। 
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