त्योहारों का मौसम शुरू होने के साथ चीनी की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में कारोबारियों को आशंका है कि अगर कीमतों पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में लोगों को और महंगी चीनी खरीदनी पड़ सकती है।
रिटेल कारोबारी पीयूष के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले चीनी 48 रुपये किलो के आसपास बिक रही थी। अब इसका भाव बढ़कर 65 से 67 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कारोबारियों के अनुसार, 15 दिन पहले गुड़ करीब 60 रुपये किलो बिक रहा था। अब इसकी कीमत करीब 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
बादाम भी हुआ महंगा
कारोबारियों के मुताबिक, केवल चीनी और गुड़ ही नहीं, मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामान के दाम भी बढ़े हैं। एक महीने पहले करीब 900 रुपये किलो मिलने वाला बादाम अब 1,100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। चीनी के दाम बढ़ने की एक बड़ी वजह एथेनॉल उत्पादन को भी माना जा रहा है। पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल की मांग लगातार बढ़ी है।
इसे तैयार करने में गन्ने के रस और सीरप का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे चीनी बनाने के लिए उपलब्ध गन्ने की मात्रा पर असर पड़ा है। चीनी मिलों में गन्ने की उपलब्धता कम होने से चीनी का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। कारोबारियों के अनुसार, गन्ने से चीनी और एथेनॉल बनाने के बीच संतुलन बिगड़ने का असर अब बाजार में दिखाई दे रहा है।