दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पुलिस द्वारा जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद के खिलाफ उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के संबंध में नया आरोपपत्र स्वीकार कर लिया है।
आरोपपत्र पर विचार करने के बाद अदालत ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत मामला आगे चलाने के लिए खालिद, इमाम और फैजान खान के खिलाफ पर्याप्त सामग्री है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इनके खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को खालिद और इमाम के खिलाफ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 और 26 फरवरी के बीच हुई हिंसा मामले में पूरक आरोपपत्र दायर किया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार वर्तमान मामला दिल्ली में बहुस्तरीय साजिश और पूर्व नियोजित दंगों से संबंधित है। पुलिस ने आरोपपत्र में बताया है कि 6 मार्च को अपराध शाखा को जानकारी मिली की दिल्ली में 24 से 26 फरवरी के बीच हुए सांप्रदायिक दंगे पूर्व नियोजित थे और इसमें खालिद और उसके साथियों का हाथ था।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में 750 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन दंगों में 53 लोग मारे गए और कई अन्य लोग घायल भी हुए। अब तक दंगों से संबंधित मामलों में 1153 अभियुक्तों के खिलाफ 250 से ज्यादा चार्जशीट दायर की गई हैं।