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ऐतिहासिक रहा इस बार सुभाष मैदान का रावण दहन

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राजधानी में शुक्रवार को विजयदशमी हर्षोल्लास से मनाया गया। प्रभु राम ने बुराई के प्रतीक रावण का संहार करते हुए उसके, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को आग के हवाले कर दिया। राजधानी में सैकड़ों जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए।
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लेकिन श्री धार्मिक लीला कमेटी के प्रवक्ता रवि जैन के अनुसार सुभाष मैदान का इस बार का रावण दहन ऐतिहासिक था। श्री धार्मिक लीला कमेटी के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित यूपीए अध्यक्ष ने मंच साझा किया।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन और अनेक देशों के राजनयिक भी मौजूद थे। यहां सभी अतिथियों ने राम, लक्ष्मण और हनुमान का तिलक कर आज की लीला का शुभारंभ किया।
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व‌िवेक ओबरॉय भी पहुंचे रामलीला देखने

विजयदशमी की बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘सदियों से रामलीला का मंचन हो रहा है। यह हमारी संस्कृति की जीती जागती तस्वीर है। यह पर्व कठिनाई से लड़ने की हिम्मत देता है।’ उन्होंने समस्त देशवासियों से भाईचारा बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
डॉक्टर मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी की रामलीला भी देखने आए। कमेटी के संरक्षण जयप्रकाश अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। यहां राम के बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जल उठे।

लवकुश रामलीला कमेटी में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और फिल्म अभिनेता विवेक ओबरॉय राम-रावण का युद्ध देखने पहुंचे। कमेटी के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल और सुखबीर शरण अग्रवाल ने उनको गदा और धनुष-बाण भेंट किए। नवश्री रामलीला कमेटी की रामलीला में कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने पुतला दहन कार्यक्रम देखा।

द्वारका में जला 125 फुट का रावण

द्वारका रामलीला सोसायटी ने दिल्ली का सबसे ऊंचा 125 फुट का रावण का पुतला जलाया। श्रीरामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले के साथ घुसपैठियों का पुतला जलाया, जबकि बालाजी रामलीला कमेटी ने चौथा पुतला पाक नेता बिलावल भुट्टो का जलाया।

आदर्श रामलीला कमेटी अशोक विहार फेज-2 ने भी रावण का पुतला दहन किया। पीतमपुरा श्री रामलीला कमेटी ने पी यू ब्लॉक में रावण के 103 फुट ऊंचे पुतले सहित मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। शाम को यहां पर खाटू श्याम जी की भजन संध्या भी हुई।
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सुभाष मैदान की झलकियां

पैर छूने से रोकने के लिए मोदी को करनी पड़ी मशक्कत
मंच पर स्वागत करते वक्त एक आयोजक प्रधानमंत्री के पैर छूने लगा, मगर मोदी ने उसे रोक दिया। करीब एक मिनट तक पैर छूने और रोकने की मशक्कत चलती रही।

आयोजकों ने किया मोदी का स्वागत
सुभाष मैदान में प्रधानमंत्री आकर्षण का केंद्र रहे। मंचन से पहले हुए सभी अतिथियों को फूलमाला और उपहार देकर स्वागत किया गया। नरेंद्र मोदी का 20, सोनिया गांधी का 15, उपराष्ट्रपति और डॉक्टर मनमोहन सिंह का 10-10 और राष्ट्रपति का दो आयोजकों ने स्वागत किया। इस दौरान भीड़ की तरफ से मोदी-मोदी के नारे भी लगे।

युद्ध लंबा होने से आयोजकों ने रोका
वीवीआईपी के आने से रामलीला के कलाकारों ने राम-रावण लंबा खींच दिया। इस बीच एक आयोजक ने मंच पर आकर रावण को जल्द मरने और राम को जल्द वध करने को कहा।

शांति के प्रतीक कबूतर छोड़े
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, कांग्रेस अध्यक्ष ने रामलीला शुरू होने से पहले शांति के प्रतीक कबूतर छोड़े। इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी ने आकाश में तिरंगे गुब्बारे छोडे़ गए।

नेताओं को दिए धनुष और त्रिशूल
श्री रामलीला कमेटी ने नेताओं की राष्ट्रपति को त्रिशूल, गदा और धनुष बाण, प्रधानमंत्री को तलवार और उपराष्ट्रपति, कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री को धनुष-बाण भेंट किए।

राष्ट्रपति के ऊपर छतरी लगाई
पुतला के दहन के दौरान हवा में मंच की ओर राख उड़कर आने लग गई। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने राष्ट्रपति के ऊपर छतरी लगा दी।
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