बिसरख कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसे एक दरोगा का बेटा और गाजियाबाद थाने का मुखबिर चला रहे थे। पुलिस ने गिरोह के बदमाश पुराना हैबतपुर बिसरख निवासी सूरज यादव और गाजियाबाद के विजयनगर निवासी दीक्षांत जोशी, गौरव अधाना व मोनू भाटी को गिरफ्तार किया है। दरोगा का बेटा व मुखबिर समेत चार आरोपी अभी फरार हैं। गिरोह कासना, नॉलेज पार्क, सूरजपुर, बिसरख व एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में सौ से अधिक मोबाइल व नकदी लूट चुके हैं।
सीओ तृतीय निशांक शर्मा और बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल शाही ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के चार बजे तिगरी गोलचक्कर के पास चार आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए चारों आरोपी लुटेरे हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने लूटे गए 24 मोबाइल, तीन बाइक व 15 हजार रुपये मिले हैं।
बदमाशों ने बताया कि जीतू गाजियाबाद थाने का मुखबिर है। जबकि शेखर के पिता यूपी पुलिस में दरोगा हैं। दोनों मिलकर गिरोह चलाते हैं। शेखर को इससे पहले भी बिसरख पुलिस ने चोरी के मामले में जेल भेजा था। शेखर कुछ माह पहले ही जेल से छूटकर आया था और गिरोह बनाकर लूटपाट करने लगा। पुलिस इन दोनों की तलाश कर रही है।
क्राइम सेल से चोरी की गई है बाइक
बदमाशों से बरामद बाइक दिल्ली क्राइम सेल से चोरी की गई है। इसके अलावा मोबाइल उसने ग्रेटर नोएडा और एनसीआर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लूटे गए हैं।