डासना जेल में तैनात उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने रविवार को करीब 11:30 बजे मालगाड़ी के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। डासना रेल फाटक पर तैनात गेटमैन रवीश कुमार ने उनको बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू कर दी।
डासना जेल फाटक पर तैनात गेटमैन रवीश कुमार ने बताया कि करीब 11:45 बजे फाटक के पास पटरी के एक तरफ एक व्यक्ति बैठे थे। करीब 11:30 बजे गाजियाबाद की ओर से मुरादाबाद की ओर मालगाड़ी जा रही थी। मालगाड़ी जैसे ही फाटक के पास पहुंची तो उसके सामने कूद गए। उनकी मंशा पर उनको पहले ही शक हो रहा था, इसलिए उन्होंने बचाने के लिए शोर भी मचाया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी।
गेटमैन रवीश कुमार की सूचना पर पर पहुंची मसूरी थाना पुलिस ने छानबीन शुरू की। मृतक की पहचान उपनिरीक्षक संजीव कुमार के रूप में हुई। डासना जेल के अधिकारी व स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। एसीपी मसूरी नरेश कुमार ने बताया कि छानबीन की जा रही है। घटनास्थल या उपनिरीक्षक के कमरे से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। विभिन्न पहलुओं से मामले की छानबीन की जा रही है।
वहीं, एसीपी ने बताया कि उप निरीक्षक संजीव कुमार काफी समय से तनाव में चल रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। जानकारी मिलने पर उप निरीक्षक के परिवार के लोग भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। मूलरूप से मुरादाबाद के गांव पृथला निवासी संजीव कुमार 1995 बैच के भर्ती थे। उनकी तैनाती 5 जुलाई 2023 से डासना जेल में बतौर हेड जेल वार्डर के रूप में चल रही थी।