नूंह के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत दर्जनभर कर्मचारी अपना हक पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने का मजबूर हो रहे है। सीएम विंड़ो में शिकायत लगाए जाने के बावजूद भी इन कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल रहा है। लेबर कोर्ट में मामला पहुंच चुका है, वहीं ठेकेदार भी अपनी जिद पर अड़ा है। जो कोर्ट व सीएम विंड़ो को लेकर भी गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत देवेंद्र, तरुण, सुभाष, हेतराम, अभय, इस्लूप, इमरान, दीपक, अल्ताफ और राजपाल ने बताया कि वे मेडिकल कॉलेज में आऊटसोर्सिंग के तहत प्लंबर लगे हुए हैं। अप्रैल 2016 से दिसंबर 2016 तक आस्कर सिक्योरिट एंड फायर सर्विस पानीपत के पास टेंडऱ था। इस दौरान उनकी सैलरी बढ़ी, लेकिन कंपनी ने इस समय का एरियर उन्हें नहीं दिया।
पहले तो कंपनी एरियर को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कमी बताती रही। जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 25 अप्रैल 2017 को कंपनी को उनका एरियर देने के लिए भुगतान कर दिया तो इसी दौरान कंपनी का टेंडऱ पूरा हो गया और छोची सहकारी श्रम वं निर्माण समिति झज्जर के पास टेंडऱ चला गया। मेडिकल कॉलेज ने करीब 2 लाख रुपए आस्कर फर्म को भुगतान कर दिया है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जब वे फर्म के मालिक शांतनू ओबराय से बात करते है तो वे उन्हें धमकियां देते है। उन्होंने 28 अगस्त 2017 को सीएम विंड़ो में शिकायत लगाई है कि उन्हें उनका हक दिलवाया जाए। यह शिकायत निवारण के लिए नूंह के श्रम कार्यालय में पहुंच चुकी है। लेकिन वहां से भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और कार्यवाई के नाम पर आश्वासन दिया जा रहा है।
भुगतान कर चुके हैं मेडिकल कालेज के निदेशक
डा. संसारचंद शर्मा का कहना है कि वे कंपनी को भुगतान कर चुके है। क्योंकि कंपनी का कार्यकाल पूरा हो चुका है, इसलिए इस मामले में विभागीय तौर पर कुछ नहीं कर सकते।
जल्द हो जाएगा समाधान
श्रम विभाग के बाबूलाल ने बताया कि कंपनी को इस संबंध में निर्देश दिए गए है और जल्द ही कर्मचारियों को उनका हक मिल जाएगा। यदि कंपनी फिर भी कोई गड़बड़ करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी।