- 1,000 रुपये शुल्क के साथ कर सकेंगे आवेदन, सीट मिलने पर दाखिला लेना होगा अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में आवेदन नहीं कर सके और दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए छात्रों को मिड एंट्री का विकल्प मिलेगा। दाखिले के इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय द्वारा घोषित तिथि पर मिड एंट्री के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यह विकल्प छात्रों को दाखिले के दो राउंड संपन्न होने के बाद मिलेगा। मिड एंट्री का शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा।
मिड-एंट्री के लिए छात्रों को सीएसएएस 2026 पोर्टल पर 1,000 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। शुल्क का सफल भुगतान होने के बाद ही आवेदन मान्य माना जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि मिड-एंट्री के माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों को पहले से आवेदन कर चुके छात्रों की सीटों पर दावा नहीं कर सकेंगे। उन्हें केवल आगामी आवंटन चरणों में पात्रता, सीटों की उपलब्धता और अन्य नियमों के आधार पर ही सीट आवंटित की जाएगी।
यदि मिड-एंट्री के माध्यम से किसी छात्र को सीट आवंटित होती है तो उसे उस सीट पर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। सीट स्वीकार नहीं करने पर वह सीएसएएस सिस्टम से बाहर हो जाएगा और उनके दाखिले का अधिकार समाप्त हो जाएगा।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मिड-एंट्री केवल आवेदन का अवसर प्रदान करती है, सीट आवंटन की गारंटी नहीं। साथ ही ईसीए, खेल, सीडब्ल्यू (सुपरन्यूमेरेरी कोटा) प्रदर्शन आधारित पाठ्यक्रमों तथा बीएफए जैसे पाठ्यक्रमों में मिड-एंट्री की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।