भारतीय संस्कृति की विविधता, सभ्यता और विरासत को सीबीएसई के छात्र आत्मसात करेंगे। देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से छात्रों को परिचित कराने के लिए सीबीएसई स्कूलों में ‘नॉलेज ट्रेडिशंस एंड प्रैक्टिसेज ऑफ इंडिया’ नाम के नए विषय को शामिल करेगा।
इस विषय में छात्रों को भारतीय संस्कृति के मानवीय पहलुओं, इतिहास, भूगोल, कृषि, रंगमंच, नृत्य, जीवनशैली, व्यापार के पहलुओं को जानने मौका मिलेगा।
वर्ष 2014-15 के शैक्षिक सत्र से 11वीं क्लास में वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। ‘नॉलेज ट्रेडिशंस एंड प्रैक्टिसेज ऑफ इंडिया’ विषय को शामिल करने के लिए स्कूल छह मई से आवेदन कर सकेंगे।
बोर्ड ने आवेदन फार्म प्राप्त करने के लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित की है। पौराणिक गाथाओं की जानकारी न होने और नैतिक मूल्यों के ह्रास को देखते हुए बोर्ड ने इस नए विषय को लाने का निर्णय लिया है।
11वीं और 12वीं के छात्रों पर फोकस
बोर्ड ने सीनियर सेकेंड्री लेवल पर नए विषय को लाने का फैसला किया है। डीडीपीएस की प्रिंसिपल प्रिया ढल ने बताया कि सीसीई सिस्टम में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गई गतिविधियां शामिल है।
सीनियर सेकेंड्री लेवल पर ‘नॉलेज ट्रेडिशंस एंड प्रैक्टिसेज ऑफ इंडिया’ विषय को लाने का लाभ मिलेगा।