अमर उजाला इंपैक्ट
- 23 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने प्रकाशित की थी खबर
- आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर 15 हजार छात्रों के खातों में पहुंचे सात करोड़
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जनपद के निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर पढ़ने वाले 15 हजार छात्रों के खातों में कॉपी-किताब खरीदने के लिए 5-5 हजार रुपये भेज दिए गए हैं। 23 फरवरी के अंक में अमर उजाला में नौनिहालों की शिक्षा के बजट पर जिम्मेदारों की कुंडली शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों ने फाइल को आगे बढ़ाया और छात्रों व स्कूलों के खातों में करीब 14 करोड़ रुपये भेजे। इनमें से छात्रों के खातों में सात करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों व छात्रों के कागजों का सत्यापन 31 दिसंबर तक कर लिया था। इसके बाद भी उनके खाते खाली पड़े थे। नए सत्र के लिए पहले चरण की प्रकिया खत्म होने के बाद पैसा पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों को हर साल 5-5 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, प्रत्येक छात्र के हिसाब से 450 रुपये हर माह शासन की ओर से स्कूलों को दिए जाते हैं। पिछले सत्र में भी करीब साढ़े छह करोड़ रुपये स्कूलों को जारी किए गए थे। स्कूलों का कहना है कि उन्हें समय से पैसा मिलना चाहिए।
15 हजार छात्रों व 400 से अधिक स्कूलों को आरटीई के तहत मिलने वाली मदद खातों में भेज दी गई है। नए सत्र में भी छात्रों के खातों में रुपये भेज दिए जाएंगे। - राहुल पंवार, बीएसए