तावड़ू के गांव निहालगढ़ के राजकीय माध्यमिक विद्यालय के समीप बने एक सूअर फार्म हाउस की बदबू से दर्जन भर छात्र-छात्राओं की उल्टी , सिरदर्द व चक्कर होने के कारण अचानक तबियत बिगड़ गई। शिक्षकों ने चिकित्कों की टीम को बुलाकर बच्चों का उपचार कराया। इस मामले को लेकर बच्चों के अभिभावकों में फार्म हाउस मालिक के विरूद्व भारी रोष है।
शिक्षक व ग्रामीणों ने एडीसी को इसकी लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। एडीसी ने तहसीलदार को इस मामले की कार्रवाई के निर्देश दिए है।
गुढी पंचायत के सरपंच जहीर अब्बाश ने बताया की पंचायत के अधीन गांव निहालगढ़ में एक व्यक्ति ने आबादी में नियमों को ताक पर रखकर स्कूल के साथ एक सूअर फार्म खोला हुआ है। सूअरों की गंदगी से आसपास भंयकर दुर्गघ फैल गई है। जिसकी वजह से ग्रामीणों के साथ साथ फार्म के साथ लगते सरकारी स्कूल के शिक्षक व बच्चें सहित स्कूल में खाना बनाने वाली कुक बेहद परेशान है।
सरपंच का कहना है की फार्म के मालिक को ग्रामीणों व पंचायत द्वारा कई बार फैल रहीं दुर्गध के बारे में शिकायत की गई। इसके बाद भी वह नहीं माना। उन्होंने बताया की फार्म हाउस मालिक की इस तानाशाही के चलते पनप रहीं भयंकर दुर्गंध के चलते विगत दिनों दर्जन भर बच्चों को उल्टी, सिरदर्द व चक्कर होने के कारण चिकित्सकों की एक टीम बुलाकर बच्चों का इलाज कराना पड़ा है।
स्कूल के मुयाध्यापक प्रेम सागर ने बताया की फार्म से आने वाली दुर्गघ के कारण बच्चों की सहियत बिगड़ने लगी है। शिक्षक भी फार्म से आने वाली दुर्गघ के चलते बच्चों को ठीक ढ़ग से नहीं पढ़ा पा रहे है। बदबू के कारण शिक्षक बीच बीच में छुटी पर जाने को मजबर हो रहे है।
मुयाध्यापक का कहना है की की फार्म से आने वाली बदबू के कारण पांच दिन पहले प्रिंस, सहबाज, मुस्तकीम, आसमा , शमीरा, रोहित, नफीस सहित दर्जन भर छात्र छात्राओं की तब्यित अचानक बिगड़ गई। मोहम्मदपुर अहीर पीएचसी से टीम बुलाकर बच्चों का उपचार कराया गया। फार्म हाउस मालिक के खिलाफ बीमार बच्चों के अभिभावकों में भारी रोष है।
शिक्षकों ने एडीसी को लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। एडीसी ने तहसीलदार को फार्म हाउस मालिक के विरूद्व कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। इस बारे में तहसीलदार पूनम बब्बर का कहना है की शिकायत मिलने पर फार्म मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है। फार्म किन शर्त व नियमों के अनुसार खोला गया है, इसकी जांच की जा रहीं है। जांच के बाद फार्म मालिक के विरूद्व नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।