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निजी स्कूलों में मॉस्क पहन कर आने लगे बच्चे, सरकारी स्कूल बंद करने का दवाब बढ़ा 

Sun, 06 Nov 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में स्मॉग के स्तर व बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए शनिवार को एमसीडी के लगभग 1700 स्कूल बंद रहे। बीते 17 सालों में यह सबसे खतरनाक धुंध है। बावजूद सरकारी स्कूल के बच्चों की कक्षाओं का ना तो समय बदला गया है और ना ही मॉस्क पहन कर आने के लिए कहा गया है।
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ऐसे में अब सरकारी स्कूलों को भी बंद किए जाने या समय बदलने का दवाब बढने लगा है। स्मॉग की चादर इसी तरह से दिल्ली को घेरे रही तो सोमवार को स्कूलों को बंद करना पड़ सकता है।

प्रदूषण के स्तर को देखते हुए निजी स्कूल एतियहातन बच्चों को मॉस्क पहन कर आने की एडवॉयजरी जारी कर चुके हैं। जिसका असर निजी स्कूलों में दिखने लगा है। स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल ने कहा कि स्मॉग के चलते सुबह होने वाली स्पोर्ट्स कोचिंग को बंद कर दिया गया है।
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एलर्जिक बच्चों को स्कूल न भेजने की सलाह

- फोटो : अमर उजाला
वहीं शारीरिक शिक्षा की गतिविधियां कमरों के अंदर हो रही हैं। इसके साथ ही बच्चों को मॉस्क पहन कर आने के लिए कहा गया है। अभिभावकों को गंभीर रूप से अस्थमा से प्रभावित या एलर्जिक बच्चों को स्कूल न भेजने की सलाह दी गई है।

डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. वंदना कपूर ने कहा कि बच्चों को मॉस्क पहन कर आने के लिए बोल दिया है और एतिहायतन स्कूल का समय परिवर्तित करने पर विचार कर रहे हैं।

​सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि जिस तरह का प्रदूषण है वह छोटे हो या बड़े सभी को प्रभावित कर सकता है। जैसा नगर निगम ने स्कूल बंद करने का निर्णय किया है। ऐसे फैसले पर शिक्षा निदेशालय को भी विचार करना चाहिए।
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