संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट एक बार फिर विवादों में घिर गई है। 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने महीनों की कड़ी मेहनत और लगातार पढ़ाई के बाद परीक्षा दी थी। पेपर लीक की घटना ने न केवल परीक्षा प्रणाली बल्कि छात्रों के भविष्य और मानसिक स्थिति को भी प्रभावित किया है।
पिछले एक साल से सिर्फ नीट की तैयारी में लगे हुए थे। परीक्षा के बाद लगा था कि अब थोड़ा आराम मिलेगा, लेकिन दोबारा परीक्षा की खबर सुनकर तनाव बढ़ गया है। लगातार पढ़ाई और प्रेशर की वजह से मानसिक रूप से भी थकान महसूस हो रही है।
- पुलकित, एमिटी स्कूल सेक्टर 46 गुरुग्राम।
परीक्षा खत्म होने के बाद हमने अगले कदम की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन अब फिर से उसी रूटीन में लौटना पड़ रहा है। लगातार बदलती परिस्थितियों की वजह से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। सरकार और परीक्षा एजेंसी को छात्रों की मानसिक स्थिति को भी समझना चाहिए।
- पीयूष, केन्द्रीय विद्यालय सेक्टर 14 गुरुग्राम
पेपर लीक सिर्फ परीक्षा का मामला नहीं है, यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। मैं पिछले दो सालों से तैयारी कर रहा हूं। पहले प्रयास में 650 नंबर आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने की वजह से पूरी मेहनत खराब हो गई।
- रोशन, केन्द्रीय विद्यालय सेक्टर 14 गुरुग्राम