संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने लूटपाट के आरोप में फंसे छात्र प्रशांत को जमानत दे दी है। प्रशांत को उसके ही मोहल्ले के युवक से लूटपाट के आरोप में अप्रैल से न्यायिक हिरासत में रखा गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरविंदर सिंह की अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराएं साबित नहीं होती और मुकदमे में देरी की संभावना को देखते हुए उसे जमानत दी जा रही है।
मधु विहार थाने में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि प्रशांत छात्र है और उसे पड़ोसी विक्की कुमार से पुरानी रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि घटना के बाद काफी समय तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई और पूरी कहानी मनगढ़ंत प्रतीत होती है। लूट की रकम भी आरोपी के खाते में नहीं आई और न ही उसके तरफ से कोई खतरनाक हथियार का प्रयोग किया गया।
राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक ने कहा कि मामला ब्लेड के बल पर लूटपाट का है। आरोपी पहले भी हत्या के प्रयास जैसे अपराध में लिप्त रहा है। एक सह-आरोपी अब भी फरार है और प्रशांत के छूटने पर गवाहों को धमकाने की आशंका है। अदालत ने माना कि आरोपी को धारा 311 के तहत अब तक आरोपी नहीं ठहराया गया है और न ही रकम उसके खाते में ट्रांसफर हुई। अदालत ने आदेश में कहा कि मुकदमे की प्रक्रिया लंबी चल सकती है। इसलिए आरोपी को 20-20 हजार रुपये के दो जमानती के साथ सशर्त जमानत दी जाती है।