दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 13.77 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 10.92, आवासीय इलाकों से 3.36, निर्माण गतिविधियों से 1.80 और कूड़ा जलाने की 1.24 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 850 मीटर रही।
बुधवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका
इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम छह बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 203 और पीएम2.5 की मात्रा 119.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बुधवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।