एमबीबीएस कोर्स की अवधि अब पहले की तरह साढ़े पांच वर्ष की होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें कोर्स को साढ़े सात वर्ष करने का निर्णय लिया था।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री के साथ रेजिडेंट डॉर्क्ट्स एसोसिएशन (आरडीए) की बैठक में यह फैसला लिया गया। जीटीबी रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉक्टर रंजन अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद और स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों के साथ हुई बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
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छात्रों की सारी मांगे मान ली गई हैं, इसलिए रेजिडेंट डॉक्टर काम पर लौट आए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब पहले की तरह एमबीबीएस कोर्स में साढ़े चार वर्ष की थ्योरी क्लास और एक वर्ष का इंटर्नशिप होगी, जबकि पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिले के पहले एक वर्ष तक ग्रामीण इलाकों में चिकित्सीय कार्य करने की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है।
मंत्रालय ने फिलहाल यह व्यवस्था पीजी एग्जाम वर्ष 2015-16 तक के लिए की है। मेडिकल छात्रों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई और दिल्ली के सभी रेजिडेंट डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों की जीत बताई।