- सुरक्षा बढ़ाने समेत छह मांगों पर अस्पताल प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूठ खुर्द स्थित महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार शाम को हड़ताल खत्म कर दी। शनिवार देर रात को अस्पताल में एक 22 वर्षीय युवक की मौत के बाद मरीज के तीमारदारों ने जमकर बवाल काटा था। स्वास्थ्यकर्मियों को छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। इस घटना के बाद से अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।
इस हड़ताल के संबंध में मंगलवार को अस्पताल प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के बीच बैठक हुई। उसके बाद आरडीए ने हड़ताल को खत्म करने का निर्णय लिया। आरडीए ने अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, वायरलेस सेट, हेलमेट, बैटन और शील्ड जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, अस्पताल के गेट मजबूत कर अनधिकृत प्रवेश रोकने और रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
साथ ही हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए समयबद्ध कदम उठाने की भी मांग की गई। इसके अलावा एलआर, एचडीयू और नर्सरी विभाग में एक-एक अतिरिक्त पुरुष व महिला सुरक्षाकर्मी तैनात करने पर सहमति बनी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार किसी रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ कोई मॉनिटरिंग/प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जाएगी। समस्या की समीक्षा के लिए आरडीए और प्रशासन की संयुक्त समिति हर 15 दिन में बैठक करेगी।