दिल्ली पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद राजधानी में स्ट्रीट क्राइम में लगातार इजाफा हो रहा है। रोज औसतन 20 लोगों के साथ झपटमारी हो रही है और पांच लूटपाट का शिकार हो रहे हैं। झपटमारी की बढ़ती वारदात के पीछे दिल्ली पुलिस अधिकारी तर्क देते हैं कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस अब हर पीसीआर कॉल पर मुकदमा दर्ज कर रही है। इस वजह से झपटमारी का ग्राफ बढ़ा हुआ दिख रहा है।
दूसरी ओर दिल्ली में कुल अपराधों की बात की जाए तो उसमें काफी कमी आई है। पिछले साल दिल्ली में जहां हर दिन 824 एफआईआर दर्ज हो रही थीं। वहीं ,अब यह संख्या 675 ही रह गई है। पुलिस अधिकारी इसे बड़ी कामयाबी मानते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस साल एक जनवरी से 31 अगस्त के बीच दिल्ली में झपटमारी की 4722 और लूटपाट की 1200 वारदात हो चुकी हैं। इसी अवधि में वर्ष 2019 में झपटमारी की 4271 और लूटपाट के 1419 मामले थे। अधिकारी ने बताया कि स्ट्रीट क्राइम पर रोक लगाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए दिल्ली पुलिस की सभी यूनिट को लगाया गया है। लगातार जिलों के अलावा क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीम बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर धरपकड़ कर रही है।
30 सितंबर 2020 तक दिल्ली पुलिस ने झपटमारी और लूटपाट के मामलों में अब तक कुल 4271 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कई बड़े गैंग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस लगातार आम लोगों से भी सतर्क रहने के लिए कहती रहती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध होने के बाद जब तक उसके खिलाफ रिपोर्ट नहीं करवाई जाएगी तब तक अपराधी को जेल पहुंचाना मुश्किल होगा। ऐसे में आम लोग अपराध होने के बाद उसकी रिपोर्ट जरूर करवाएं।
वारदात रोकने के लिए पुलिस के कदम...
- . हर थाने में एंटी स्नैचिंग एंड रॉबरी टीम का गठन।
- . जहां झपटमारी और लूटपाट होती, उन जगहों की पहचान कर पुलिस की तैनाती।
- . जगह-जगह पिकेट लगाकर चेकिंग, खासकर संदिग्ध लोगों से पूछताछ।
- . झपटमारी और लूटपाट की टाइम और जगह के अनुसार मैपिंग कर वहां पुलिस की तैनाती
- . वारदात के बाद जिन रास्तों से बदमाशों के भागने की संभावना वहां तैनाती
- . जिन अंधेरी जगह पर वारदात होती, वहां सिविक एजेंसी से कहकर रोशनी का प्रबंध।
- . जिन इलाकों में ज्यादा अपराध, वहां प्रखर पीसीआर वैन व बाइक सवार पुलिस कर्मियों की पेट्रोलिंग
- . जिस जगह ज्यादा होते अपराध वहां पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे।
- . जो बदमाश वारदात में पहले शामिल रहे, उन पर पुलिस की खास नजर।
- . स्कूल, कॉलेज और मार्केट में महिला पुलिस बल की तैनाती।
- . बॉर्डर पार से आने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस से तालमेल।
दिल्ली के कुछ ब्लैक स्पॉट जहां होती ज्यादा झपटमारी...
कड़कड़ी मोड़, आनंद विहार, सूरजमल विहार, विवेक विहार, केशव चौक, शाहदरा रोड नंबर-66, यमुना विहार, आईटीओ, डीयू नॉर्थ कैंपस एरिया, पहाड़गंज, करोल बाग, लाजपत नगर, कालकाजी, न्यू अशोक नगर, शाहदरा, सीमापुरी, जीटीबी एंक्लेव, नंद नगरी, फर्श बाजार
दिल्ली में झपटमारी व लूट के आंकड़े
2019 2020
. झपटमारी: 4271 4722
. लूटपाट: 1419 1200
दिल्ली में होने वाले अपराध के लिए दर्ज कुल मामले....
. वर्ष 2019- कुल एफआईआर-200486
. वर्ष 2020- कुल एफआईआर-164006
(नोट: सभी आंकड़े एक जनवरी से 31 अगस्त के बीच के हैं)
(दिल्ली पुलिस ने झपटमारी और लूटपाट के लिए एक जनवरी 2020 से 30 सितंबर तक कुल 4271 आरोपियों को गिरफ्तार किया है )
दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम रोकना हमेशा से दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता रहा है। पुलिस की सभी यूनिटें इसके लिए काम करती रहती हैं, चूंकि हर पीसीआर कॉल पर पुलिस केस रजिस्टर कर रही है, ऐसे में स्नैचिंग का ग्राफ बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।
-अनिल मितल, अतिरिक्त प्रवक्ता, दिल्ली पुलिस