दिल्ली में उसे एक बीपीओ में नौकर मिल जाती है। इस पेशे में नाइट शिफ्ट करना सामान्य बात है। मिजोरम की रीशू (काल्मनिक नाम) भी अपना काम कर देर रात ही घर वापस आती थी। 24 नवंबर की रात हुई एक घटना ने सामान्य से चल रहे उसके जीवन को असामान्य बना दिया।
1:30 बजे रात कैब से उतरते ही पांच बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींचा और उसके साथ बलात्कार किया। इस घटना के बाद भी रीशू ने ऑफिश जाना नहीं छोड़ा। लेकिन मीडिया में आने की वजह से ऑफिस में सब उसे पहचानने लगे थे और दूसरी ही नजर से देखने लगे थे।
अब दिल्ली में रहना रीशू के लिए असंभव हो गया। उसके सपनों का यह शहर अब उसे काटने को दौड़ने लगा। रीशू ने वापस मिजोरम जाने का फैसला किया। यह फैसला इतना आसान नहीं था।
मिजोरम जाने के बाद उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को संभालना और अपने पैरों पर खड़े होने का था। रीशू ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी बचत के पैसों से वहीं एक छोटी सी दुकान खोल ली। हालांकि इस दौरान रीशू के गांव वाले इस बात को जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर अच्छी खासी नौकरी छोड़ यह लड़की वापस क्यों आ गई।