नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर सभागार में मंगलवार को पूर्वोत्तर भारत की जैव विविधता, वन संरक्षण और स्थानीय समुदायों की परंपराओं पर आधारित लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। फिल्मों में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण को दिखाया गया। मिश्मी समुदाय, विलुप्त होते गिद्धों, चीनी पैंगोलिन, पारंपरिक बीज संरक्षकों और शहद जुटाने वाले समुदायों की कहानियां भी सामने आईं। कार्यक्रम ग्लोबल वाइल्डलाइफ फेयर के सहयोग से हुआ। स्क्रीनिंग के बाद डस्टी फुट प्रोडक्शंस की इमराना खान और मोहित अग्रवाल ने संरक्षण की चुनौतियों पर चर्चा की। संवाद