नई दिल्ली। इंडिया हैबिटेट सेंटर के द स्टीन ऑडिटोरियम में मंगलवार शाम ‘स्पंदना’ नृत्य संध्या का आयोजन हुआ। इसमें अमृता सिंह और उनके शिष्यों ने कुचिपुड़ी, जबकि ऋतुस्री चौधरी और उनके शिष्यों ने कथक की प्रस्तुतियां दीं। दोनों शास्त्रीय नृत्य शैलियों की लय, भाव और सौंदर्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कुचिपुड़ी की ऊर्जा और कथक के पद-संचालन व भावाभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। कुचिपुड़ी कलामृता और नृत्यक्षर फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। संवाद