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मामा-भांजी की कुचलकर मौत: पुलिस ने भीड़ पर चलाए आंसू गैस के गोले, चार घंटे तक हाईवे जाम

Sat, 05 Nov 2016 11:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खुर्जा

सार

बस से कुचलकर मामा-भांजी की मौत, बवाल-आगजनी
- गंभीर घायल भांजा नोएडा रेफर, लोगों ने बसों में की तोडफ़ोड़-पथराव
- शव रखकर लगाया जाम, पुलिस ने बरसाई लाठियां, छोड़े आंसू गैस के गोले
- जाम से हाईवे-९१ पर लगी वाहनों की कतार, कई थानों की फोर्स पहुंची
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विस्तार
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हाईवे-91 स्थित देहात थाने के पास शुक्रवार दोपहर बस से कुचलकर बाइक सवार मामा-भांजी की मौत हो गई। जबकि भांजा गंभीर घायल हो गया। उसे नोएडा रेफर किया। हादसे के बाद लोगों ने कई वाहनों में तोडफ़ोड़ और जाम लगा दिया। मुआवजे की मांग कर सड़क पर शव रखकर डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ गए।
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बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठियां बरसाई, जिससे लोग और भड़क और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया व आसपास के खेतों पर आग लगा दी। पुलिस आंसू गैस के गोले पर छोड़े। बाद में डीएम ने मौके पर पहुंचकर मदद का आश्वासन दिया।

जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के गांव चांदौक निवासी हरजीत का 20 वर्षीय पुत्र पुनीत शुक्रवार को बाइक से देहात क्षेत्र के गांव अच्छेजा खुर्द निवासी सोहनलाल के बेटे (16) लवी और बेटी ज्योति (17) को लेकर गांव अच्छेजा लौट रहा था। पुनीत लवी और ज्योति का मामा है।
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हाईवे-91 स्थित देहात थाने के पास खुर्जा की तरफ से आ रही निजी बस ने मामा, भांजा और भांजी को रौंद दिया। पुनीत और ज्योति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लवी गंभीर घायल हो गया। लवी को नोएडा के अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे से गुस्साए अच्छेजा और समीपवर्ती गांवों के लोगों ने हाईवे से गुजर रहे कई वाहनों को में तोडफ़ोड और पथराव किया।

भीड़ को रौद्र रुप देखकर बस में सवार कई यात्री जान बचाते हुए खेतों की तरफ भाग निकले। ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया और डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। जाम के चलते वाहनों की लंबी कतार लग गई। बवाल की सूचना पर कई थानों की पुलिस वहां पहुंची और हालात बेकाबू देख लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां बरसाई और आंसू गैस के गोले छोड़े।

इससे लोग और भड़क गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। साथ ही आसपास के खेतों में आग लगा दी। बवाल की सूचना पर डीएम शाम करीब साढ़ छह बजे मौके पर पहुंचे और मदद का आश्वासन दिया।

गुस्साई भीड़ ने फसलों में लगाई आग

पुलिस के लाठीचार्ज से गुस्साई भीड़ ने भी हाईवे-91 के समीप स्थित फसलों में आग लगा दी। प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह था कि मौके पर आग बुझाने के लिए कोई दमकल वाहन मौजूद नहीं था। आग स्वंय बुझ गई, वर्ना बड़ा नुकसान हो सकता था। इसके अलावा सड़कों पर पड़ी बाइकों को भी आग लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ सफल नहीं हो सकी।

हाईवे पर चार घंटे तक बंधक रहे यात्री
हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद मौके से गुजर रहे वाहनों पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। भीड़ से डरे यात्रियों ने सामान छोड़कर अपनी जान बचाते हुए खेतों की तरफ दौड़ लगा दी। पुलिस के मौके पर आने से पूर्व यात्री खेतों में छुपे बैठे रहे।

यहीं नहीं भीड़ के आगे कुछ ही पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसलिए यात्रियों को जानोमाल के नुकसान की आशंका थी। चार घ्ंाटे बाद सभी थानों की फोर्स, डीएम-एसएसपी के आने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। फोर्स के नहीं आने तक यात्री भूखे-प्यासे खेतों में दुबके रहे।

भीड़ को तितर-बितर कर पुलिस ने शव उठाए
हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जब ग्रामीण घंटों तक शव सड़कों पर जाम लगाते हुए डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों के मौके पर नहीं आने से ग्रामीण भड़क गए।

जाम लगाने के दौरान मौजूद पुलिस अफसरों के काफी समझाने के बाद ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं हुए। आखिर में पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद भीड़ को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए सड़क पर रखे शवों को किसी प्रकार उठाते हुए पीएम को भेजा। तब जाम खुला।

पुलिस की लाठी और अफसरों की लापरवाही ने बिगाड़ दिए हालात

पुलिस और प्रशासन के आला अफसर अगर समय से घटनास्थल पर पहुंच जाते तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता। शव रखकर जाम लगा रहे लोग डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ थे। एडीएम सवा चार बजे पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी नहीं सुनी। इस बीच पुलिस लाठी फटकार दी तो बवाली भड़क गए।

डीएम और एसएसपी शाम करीब साढ़े छह बजे मौके पर पहुंचे, तब जाकर मामला शांत हुआ। अगर अफसर समय पर पहुंचते तो इतना बड़ा बवाल नहीं होता। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने खुर्जा के हालात बिगाड़ दिए। अफसर अगर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचते तो इतनी तोडफ़ोड़ और आगजनी नहीं है।

हादसे के पौन घंटे बाद प्रदर्शनकारियों शव रखकर हाईवे पर कब्जा कर लिया और डीएम को मौके पर बुलाने व उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। एडीएम और पुलिस के अन्य अफसर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बसों के तोडफ़ोड़ के दौरान पुलिस के लाठी भांजने से हालात और बिगड़ गए।

बेकाबू हुए लोगों ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया और उसे खदेड़ दिया। इसके बाद करीब दो घंटे तक जमकर बवाल हुआ। वाहनों में तोडफ़ोड़, आगजनी, राहगीरों से मारपीट हुई। बवाल की सूचना पर डीएम और एसएसपी करीब साढ़े छह बजे मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में लिया। यही अफसर अगर समय से पहुंच जाते तो हालात इतने नहीं बिगड़ते।

4 घंटे तक बंधक रहा हाईवे, यात्रियों की अटकीं रहीं सांसें
हादसे के बाद करीब चार घंटे तक नेशनल हाईवे बवालियों के कब्जे में रहा। जो वाहन बस, ट्रक, डग्गामार सवारी वाहन, बाइक सभी पर प्रदर्शनकारी टूट पड़े। राहगीरों का उतार कर पीटा। यात्री भी अपनी जान बचाकर वाहनों से कूदकर खेतों की ओर दौड़ गए। इसके बाद बवालियों ने आसपास के खेतों में आग लगा दी। इसके बाद हाईवे पर भीषण जाम लग गया।
 
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पुलिस आसपास के गांवों दे रही दबिश

सात बजे जाम खुलने के बाद पहुंची पीएसी ने हाईवे और आसपास के इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। एसएसपी मौके पर कई थानों की पुलिस को लगा दिया। बवालियों को दबोचने के लिए पुलिस ने अच्छेजा और आसपास गांवों में दबिश दी। बताया गया कि पुलिस गांवों में बवालियों को तलाश रही है। 

वीडियोग्राफी से तलाशे जा रहे बवाली
जानकारी के अनुसार पुलिस-प्रशासन हाईवे जाम और बवाल की वीडियोग्राफी करा ली है। अब फुटेज के बाद पुलिस शनिवार को बवालियों को चिहिन्त करेगी और आसपास के गांवों तेज अभियान के साथ खंगाला जाएगा।

एसएसपी का कहना है कि कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं दी जा सकती है। बवालियोंं को बख्सा नहीं जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पुलिस शनिवार को प्रदर्शनकारियों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज करा सकती है।
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