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J&K की फुटबॉलर अफ्शा की कहानी, पत्थर फेंकने वाले हाथ अब रोकते हैं गोल

Wed, 06 Dec 2017 12:35 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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Afshan Ashiq - फोटो : TOI
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कुछ महीने पहले श्रीनगर के एक बाजार में सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने वाली 21 साल की अफ्शा आशिक जम्मू-कश्मीर की छात्राओं के गुस्से का प्रतीक बन गई थीं। मंगलवार को जब फुटबाल की दीवानी नार्थ ब्लॉक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने पहुंची तो यह उसके लिए ख्वाबों के दिन जैसा था।
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अफ्शा जम्मू एवं कश्मीर की पहली महिला फुटबाल टीम की कप्तान हैं। 22 सदस्यों वाली यह टीम राजनाथ सिंह से मिली और राज्य के खिलाड़ियों की समस्याओं के बारे में अवगत कराकर मदद मांगी।

श्रीनगर की रहने वाली अफ्शां अभी मुंबई के एक क्लब के लिए खेल रही हैं। अफ्शां ने माना कि मीडिया में पत्थर फेंकते उनकी तस्वीर आने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उनका कहना है कि वह अब पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहती हैं। वह कुछ हासिल करना चाहती हैं और राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।
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अफ्शां अभी श्रीनगर के एक कॉलेज से बीए कर रही हैं। वहीं बॉलीवुड के एक जाने माने फिल्मकार उनके जीवन पर फिल्म बनाने वाले हैं। हालांकि उन्होंने गुमनाम रहने का फैसला किया है।  
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'ये लड़कियां दूसरे युवाओं के लिए उदाहरण पेश कर रही हैं'

Afshan Ashiq
आधे घंटे की इस मुलाकात में टीम के सदस्यों ने गृहमंत्री से कहा कि अगर राज्य के खिलाड़ियों को पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं और बुनियादी ढांचा मिले तो राज्य के युवा आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों की राह छोड़कर खेलों की ओर कदम बढ़ाएंगे।

टीम की कप्तान अफ्शां आशिक ने बताया कि जब उन्होंने गृहमंत्री का राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे की कमी के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को फोन किया और उनसे खिलाड़ियों की मदद की गुजारिश की। साथ ही राजनाथ सिंह ने खिलाड़ियों से कहा कि प्रधानमंत्री विशेष पैकेज से राज्य को 100 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। 

टीम के मैनेजर त्सेरिंग अनगोमो ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में खेल का बुनियादी ढांचा बेहद खस्ता है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है, वरना युवा आतंकवाद और गैरकानूनी काम जैसे पत्थरबाजी की ओर मुड़ जाएंगे। लद्दाख के त्येरिंग ने कहा कि अगर खेल की सुविधाएं मिलेंगी तो युवाओं की प्रतिभा निखरेगी और कोई उनका ब्रेनवाश नहीं कर पाएगा।

इस मुलाकात के बाद गृह मंत्री ने ट्वीट किया, जम्मू कश्मीर की पहली महिला फुटबाल टीम की युवा और ऊर्जावान लड़कियों से मिला। ये लड़कियां दूसरे युवाओं के लिए उदाहरण पेश कर रही हैं। मैं उनकी सफलता और सुखद भविष्य की कामना करता हूं। 
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