कुछ महीने पहले श्रीनगर के एक बाजार में सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने वाली 21 साल की अफ्शा आशिक जम्मू-कश्मीर की छात्राओं के गुस्से का प्रतीक बन गई थीं। मंगलवार को जब फुटबाल की दीवानी नार्थ ब्लॉक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने पहुंची तो यह उसके लिए ख्वाबों के दिन जैसा था।
अफ्शा जम्मू एवं कश्मीर की पहली महिला फुटबाल टीम की कप्तान हैं। 22 सदस्यों वाली यह टीम राजनाथ सिंह से मिली और राज्य के खिलाड़ियों की समस्याओं के बारे में अवगत कराकर मदद मांगी।
श्रीनगर की रहने वाली अफ्शां अभी मुंबई के एक क्लब के लिए खेल रही हैं। अफ्शां ने माना कि मीडिया में पत्थर फेंकते उनकी तस्वीर आने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। उनका कहना है कि वह अब पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहती हैं। वह कुछ हासिल करना चाहती हैं और राज्य और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।
अफ्शां अभी श्रीनगर के एक कॉलेज से बीए कर रही हैं। वहीं बॉलीवुड के एक जाने माने फिल्मकार उनके जीवन पर फिल्म बनाने वाले हैं। हालांकि उन्होंने गुमनाम रहने का फैसला किया है।