चोरी के मोबाइल फोन पुलिस ने किए बरामद।
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मध्य जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक चोरी व झपटमारी के मोबाइल को बांग्लादेश में बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। आरोपी मोबाइल कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाते थे। पुलिस ने गिरोह के चोर आरोपियों मास्टरमाइंड मौजपुर निवासी समीर उर्फ राहुल, चौहान बांगर निवासी सलमान व अयान और भलस्वा डेरी निवासी दिलशाद यासीन कुरैशी को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कब्जे से कुल 116 चोरी के मोबाइल और एक स्कूटी बरामद की है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वाल्सन ने बताया कि आरोपियों पर पहले भी हत्या के मामले सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आइफोन को अनलॉक करने के लिए विदेशी मोबाइल अनलॉकिंग साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। गिरोह का मास्टरमाइंड समीर दूसरों के लिए चोरी के फोन को गैर-कानूनी तरीके से अनलॉक करने के लिए प्रति हैंडसेट 1,500 तक चार्ज करता था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से मध्य, उत्तरी, पश्चिमी, पूर्वी, नार्थ-ईस्ट और शाहदरा जिलों से संबंधित झपटमारी और चोरी के 42 मामले सुलझाने का दावा किया है।
उपायुक्त वल्सन ने बताया कि पटेल नगर थाने में महिला ने 18 दिसंबर को शिकायत दी थी कि उनका आइफोन 16 प्रो स्कूटी सवार दो बदमाशों ने छीन लिया है। पुलिस ने जांच शुरू की और 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच चल ही रही थी कि 19 दिसंबर को शिकायतकर्ता के दोस्त के मोबाइल पर एक वाट्सएप मैसेज मिला। तकनीकी निगरानी पर पता चला कि उपरोक्त सिम कार्ड स्टार वायर इंडिया लिमिटेड के एक कर्मचारी के नाम पर रजिस्टर्ड था, जिसका मोबाइल पहले कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के पास से चोरी हुआ था। जांच में 27 दिसंबर को टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर, संदिग्ध लोगों की लोकेशन जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास मिली। मुखबिर की निशानदेही पर छापेमारी कर समीर और सलमान को दबोचा गया।
बदमाशों के संपर्क में आकर करने लगा वारदात
पूछताछ में समीर ने बताया कि वर्ष 2022 में अपराधियों के संपर्क में आने के बाद उसने चोरी के आइफोन और एंड्रायड फोन खरीदना शुरू कर दिया। उसके साथी अयान, सलमान और दिलशाद उसे चोरी के फोन सप्लाई करते थे। उन डिवाइस को अनलॉक करने के बाद, वह उन्हें अपने साथियों को वापस कर देता था, जो बिचौलियों के जरिए उन्हें अवैध पैसे कमाने के लिए बांग्लादेश बेच देते थे। बाद में पुलिस ने इसकी निशानदेही पर आरोपित अयान और दिलशाद यासीन कुरैशी को गिरफ्तार किया। पुलिस इनसे पूछताछ कर इन मोबाइल फोन का लिंक पता लगाने और दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में चल रहे संगठित आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच में जुटी है।