प्रदेश में देशी और शाहीवाल नस्ल की गायों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। जिस पर सरकार और विभाग ने चिंता जताई है। प्रदेश की देशी और शाहीवाल नस्ल की गाय विलुप्त होने की स्थिति में है।
ऐसे में नसरकार पशुपालकों का रूझान देशी नस्ल की गायों की तरफ बढ़ाने के लिए गौ संरक्षण एवं संर्वधन योजना की शुरूआत की गई है।इस योजना के तहत पशुपालक को देशी नस्ल की गाय खरीदने पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी विभाग की ओर से दी जाएगी। योजना को शुरू हुए चार माह में देशी गायों की नस्ल में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
पशु विशेषज्ञों के अनुसार पिछले चार सालों के दौरान शहर में देशी गायों की संख्या में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। पशुपालकों ने देशी गायों से किनारा कर विदेशी गायों पर भरोसा जताया है।
योजना पर एक नजर:
सरकार द्वारा देशी गायों के प्रति पशुपालकों का रूझान बढ़ाने के लिए गौ संरक्षण एवं सर्वधन योजना की शुरूआत की थी। योजना के अनुसार पशुपालक अगर तीन हरियाणा की देशी या फिर शाहीवाल नस्ल की गाय खरीदेगा तो उसे सरकार की ओर से तीन गायों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
पशुपालक अगर तीन से कम या ज्यादा गाय खरीदता है तो उसे योजना का लाभ नही मिलेगा। वहीं गायों के लिए विभाग की ओर से अच्छे सांडों का सीमेन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिससें गायों की दूध की क्षमता बढ़ाई जा सके और अच्छे बच्चे पैदा कर सके।