एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुनीर को आज गाजियाबाद से नोएडा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। मुनीर से कुछ घंटों की पूछताछ के बाद एसटीएफ को कई जानकारियां मिलीं जिसे एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने साझा किया।
अमित पाठक के अनुसार कई महीनों की मशक्कत और कई सुरक्षा एजेंसियों जैसे यूपी एटीएस, स्पेशल सेल दिल्ली, एनआईए, एसटीएफ- बरेली, मेरठ, अलीगढ़ और नोएडा की मेहनत के बाद मुनीर को पकड़ा जा सका।
एसएसपी पाठक का कहना था कि मुनीर को पकड़ने में इतना ज्यादा समय इसलिए लग गया क्योंकि उसके छिपने के कई तरीके मालूम हैं। इसके अलावा वो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल नहीं करता जिसे ट्रेस कर उसकी लोकेशन जानी जा सके और वो बहुत जल्दी-जल्दी जगह भी बदलता रहता है जिसकी वजह उस तक पहुंच पाना काफी मुश्किल हो रहा था।
'साथियों की गिरफ्तारी के बाद टूटा मुनीर का मनोबल'
तंजील अहमद को अंतिम विदाई
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित पाठक मुनीर को पकड़ने में मिली सफलता के बारे में बताते हुए कहा कि मई और जून में एसटीएफ ने जो अमित के साथियों शादाब और अतिउल्लाह को क्रमशः मई और जून में गिरफ्तार किया उससे मुनीर का मनोबल टूट गया। उसे लगने लगा कि अगर उसके साथी इतनी दूर-दूर से पकड़े गए तो वो भी पकड़ा जाएगा।
एसएसपी ने मुनीर की गिरफ्तारी कैसे हुई ये बताते हुए कहा कि उन्हें सोमवार रात मुनीर के आनंद विहार आईएसबीटी होने की सूचना मिली। जहां से एसटीएफ की टीम सराय कालेखां, वहां से कश्मीरी गेट फिर गाजियाबाद और फिर नोएडा गए।
आज सुबह गाजियाबाद में मुनीर की लोकेशन ट्रेस हुई, वहां पुलिस और मुनीर के बीच में फायरिंग भी हुई फिर मुनीर पकड़ा गया। उसके पास से तीन पिस्टल बरामद की गई है। एसएसपी ने बताया कि तीन पिस्टलों में से एक लखनऊ के एक जज के सुरक्षाकर्मी से लूटी गई थी। अन्य दो 2013 और 2015 में लूटी गई थीं।
एसएसपी ने बताया कि मुनीर बहुत बड़ा मूडी इंसान है। उसके दिमाग में अगर आ जाए कि कोई काम करना है या किसी वारदात को अंजाम देना है तो वह तुरंत उसे कर देता है। मुनीर के सनकी मिजाज का उदाहरण देते हुए तंजील अहमद की घटना का जिक्र किया जिसमें तंजील अहमद पर 21 गोलियां बरसाई गई थीं।