दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डा.हेमंत तिवारी ने बताया कि एसटीएफ को 3/4 अप्रैल की रात को एक वांछित अपराधी (नासिर-दानिश पहलवान गैंग का एक सदस्य) की आवाजाही के बारे में एक गुप्त सूचना मिली। वह बदरपुर थाना इलाके में चोरी के एक मामले में शामिल रहा है।
एसआई जितेंद्र को सूचना मिली कि वह चोरी/सेंधमारी की एक और वारदात को अंजाम देने के इरादे से स्कूटी पर सवार होकर नोट्रे डेम स्कूल के पास स्थित एनटीपीसी गेट नंबर 1 पर आएगा। एसआई जितेंद्र, एसआई मुकेश व एएसआई सचिन कौशिक की टीम ने यहां घेराबंदी की। तभी बदमाश को स्कूटी पर आते हुए देखा।
पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन उसने वहां से भागने की कोशिश की। उसने तेजी से ''यू-टर्न'' लेने की कोशिश की, लेकिन वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद उसने अपनी पिस्तौल निकाली और पुलिस टीम पर दो राउंड गोलियां चलां दी। इससे एएसआई गुरचरण व हवलदार मनोज राणा बाल-बाल बच गए। उन्होंने आत्मरक्षा में दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली आरोपी मोहम्मद सलीम के बाएं पैर में लगी। उसे तुरंत इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
पहलवान की हत्या में रहा शामिल
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह नासिर-दानिश पहलवान गैंग का एक सक्रिय सदस्य है। वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कुख्यात अपराधी सलीम पहलवान की हत्या में शामिल है। उसने उस हत्या के मामले में 8 साल की सज़ा काटी है। इसके अलावा वह दिल्ली और आसपास के इलाकों में चोरी के 20 से अधिक मामलों में वांछित है।