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फर्जी मार्कशीट का मायाजाल: मोनाड यूनिवर्सिटी में STF की छापेमारी, चेयरमैन समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया गया

Sat, 17 May 2025 10:08 PM IST
श्याम जी. संवाद न्यूज एजेंसी, पिलखुवा (हापुड़)

सार

मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी मार्कशीट मामले में एसटीएफ ने छापा मारकर चेयरमैन समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया। टीम ने लैपटॉप, हार्डडिस्क और अभिलेख जब्त किए हैं।
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चेयरमैन समेत नौ लोगों को हिरासत में लिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिलखुवा थाना क्षेत्र के मोनाड यूनिवर्सिटी में शनिवार दोपहर को एसटीएफ लखनऊ और मेरठ की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अचानक छापा मारा। टीम ने किसी के भी अंदर प्रवेश करने और बाहर निकलने पर रोक लगा दी। बताया जा रहा है फर्जी अंकतालिका जारी करने के मामले में यह कार्रवाई की गई। देर शाम तक चली जांच के बाद टीम ने विश्वविद्यालय के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। टीम ने यहां से लैपटॉप, हार्डडिस, सर्वर सिस्टम आदि जब्त कर लिए। टीम सभी को लेकर पिलखुवा कोतवाली पहुंची, जहां आगे की कार्रवाई जारी थी।

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टीम ने कई अभिलेख खंगाले और अधिकारियों से पूछताछ की
जानकारी के अनुसार एसटीएफ को मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी मार्कशीट व डिग्री जारी होने की शिकायतें मिली थी। इसी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की कई गाड़ियों दोपहर करीब चार बजे यहां पहुंची और जो जहां था उसे वहीं कब्जे में ले लिया। टीम ने सभी मौजूद लोगों के फोन भी कब्जे में ले लिए। छापे की खबर फैलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन में अफरातफरी मच गई। टीम ने कई अभिलेख खंगाले और अधिकारियों से पूछताछ की।

चेयरमैन बिजेंद्र सिंह समेत नौ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया
करीब पांच घंटे तक चली जांच के बाद टीम ने कंपनी के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह समेत नौ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। टीम जब्त किए सामान के साथ सभी को पिलखुवा कोतवाली ले गई, जहां आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मोनाड यूनिवर्सिटी पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है। कार्रवाई सीओ एसटीएफ संजीव कुमार के नेतृत्व में की गई। उनसे बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने बताया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी लखनऊ में मौजूद अधिकारियों द्वारा दी जाएगी।
 
हजारों फर्जी मार्कशीट मिलने के बाद हुई कार्रवाई 
पुलिस सूत्रों की माने तो एसटीएफ ने हरियाणा के दो युवकों को हजारों की संख्या में फर्जी मार्कशीट के साथ पकड़ा था। इन दो युवकों की निशानदेही पर ही एसटीएफ यहां पहुंची थी। आरोपी दोनों युवक भी कार में आसपास ही टीम के साथ मौजूद थे।

मोनाड विवि की मार्कशीट को लेकर पहले भी लगते रहे हैं आरोप 
छह सितंबर 2021 को अनवरपुर स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी की फर्जी वेबसाइट बनाकर फर्जी अंक तालिका, प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में कार्रवाई की थी। पिलखुवा पुलिस और साइबर सेल ने दो शातिरों को गिरफ्तार किया था। जिनसे फर्जी मार्कशीट, मोबाइल और अन्य उपकरण बरामद हुए थे। पुलिस ने सीतापुर के थाना रामपुर मथुरा निवासी अमरेश और थाना कोतवाली के शास्त्री नगर निवासी शिवम पांडेय को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से दो एलसीडी मानिटर, दो सीपीयू, दो की-बोर्ड, माउस, कलर प्रिंटर, तीन मोबाइल फोन, पांच मोनार्ड यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट व डिप्लोमा बरामद हुए थे।

मार्कशीट और अन्य शैक्षिक दस्तावेज बरामद किए
इसके अलावा आठ नवंबर 2024 को कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों के बैग से मार्कशीट और अन्य शैक्षिक दस्तावेज बरामद किए थे। इन आरोपियों की पहचान फर्जी शैक्षिक दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड गिरीश शर्मा निवासी मोहल्ला राजेंद्रनगर सेक्टर-तीन साहिबाबाद, अमित व मनोज निवासी गांव बछलौता जिला हापुड़ के रूप में हुई थी।
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140 फर्जी दस्तावेज बरामद हुए
गिरीश शर्मा ने बताया था कि वह अमित व मनोज के साथ मिलकर रवि गुप्ता निवासी वैशाली गाजियाबाद जोकि एशियन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी इंफाल वेस्ट मणिपुर व नोएडा निवासी राकेश गोयल एडमिशन कंसलटेंट नार्थ इस्ट क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी दिमापुर नागालैंड के कहने पर फर्जी मार्कशीट तैयार करते थे। आरोपी रवि व राकेश के सहयोग से मार्कशीट व अन्य शैक्षिक दस्तावेज यूनिवर्सिटी से पास कराकर उन्हें देते थे। वहीं, आरोपियों के पास से 140 फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे, इसमें मोनाड विश्वविद्यालय हापुड़ की आठ मार्कशीट शामिल थी।
 
छात्रवृत्ति घोटाले में भी सुर्खियों में रहा था विश्वविद्यालय 
मोनाड विश्वाद्यालय के खिलाफ 27 सितंबर 2019 को दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज कराई थी। 28 छात्रों ने 20.63 लाख रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। इस मामले में भी तत्कालीन प्रबंधक समेत तीन कर्मचारियों को जेल भेजा गया था।
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