मौर्या एंक्लेव इलाके में युवक को अगवा कर परिवारवालों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में चल रही विभागीय जांच के बाद रणहौला थाने के पूर्व थाना प्रभारी जसमोहिंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पूर्व उन्हें दिसंबर माह में निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में शामिल तीन पुलिसकर्मियों समेत चार लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वारदात में शामिल एएसआई सूबे सिंह, हवलदार इंदु परमार और सिपाही अजय को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।
क्या था मामला
छत्तीसगढ़ में धोखाधड़ी और ठगी का एक मामला 28 सितंबर को दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसमें एक आरोपी दिल्ली के कंझावला निवासी प्रदीप प्रधान था।
रणहौला थाने में तैनात एएसआई सूबे सिंह, हवलदार इंदू परमार व सिपाही अजय ने प्रदीप को उसको घर से उठा लिया। उसे अदालत में पेश करने के बजाए उत्तम नगर में सचिन नाम के युवक के मकान में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा। उसके बाद पुलिसकर्मी आरोपी के परिवार वालों से सौदेबाजी करने लगे।
प्रदीप की पत्नी नेहा प्रधान ने पुलिसकर्मियों को पहले किश्त में 11 लाख रुपये सौंपे। बाकी रकम देने के लिए मौर्या एंक्लेव पहुंची थी। जहां उसने पति को दिखाने के लिए कहा। इस बात को लेकर उसकी पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई और महिला ने पुलिस को फोन कर दिया।
इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस ने प्रदीप प्रधान को उत्तम नगर से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण कर उगाही का मामला दर्ज कर लिया गया और रणहौला थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।