पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के आह्वान पर गाजियाबाद बार एसोसिएशन ने बुधवार को नया गाजियाबाद स्टेशन पर आकर रुकी शालीमार एक्सप्रेस के सामने प्रदर्शन किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामअवतार गुप्ता और सचिव दीपक शर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ता जुलूस के रूप में कचहरी से स्टेशन पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।
स्टेशन पर तीन थानों के फोर्स के अलावा आरपीएफ और जीआरपी जवान मुस्तैद रहे। आंदोलन के चलते वकीलों ने कचहरी में हड़ताल भी रखी। वहीं, वकीलों ने मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बागपत, हापुड़ में भी रेल रोकी।
अपने पूर्व निर्धारित समय सुबह करीब साढे़ 9 बजे वकील पैदल मार्च करते हुए कचहरी गेट से नया गाजियाबाद स्टेशन पहुंचे। वकीलों के रेल रोकने की चेतावनी के चलते स्टेशन पर भारी पुलिसबल मौजूद था।
प्लेटफार्म पर पहुंचकर वकीलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान जम्मू से नई दिल्ली जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुकी। ट्रेन का यहां दो मिनट का स्टॉपेज है।
वकीलों ने रेलवे लाइन पर बैठकर और इंजन पर चढ़कर नारेबाजी शुरू कर दी। ट्रेन ने चलने के लिए सीटी बजाई तो वहां मुस्तैद पुलिस अधिकारियों ने वकीलों से ट्रैक से हटने का निवेदन किया। ट्रेन के चलते ही वकील ट्रैक से हट गए।
इस मामले में बार एसोसिएशन के सचिव दीपक शर्मा का कहना था कि उनका यह आंदोलन जनता के लिए ही है। वकील नहीं चाहते कि उनके आंदोलन से रेल यात्रियों या आम जनता को कोई परेशानी उठानी पडे़।
रेल रोका आंदोलन सांकेतिक था। उधर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि शालीमार एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंची और दो मिनट रुकने के साथ ही आगे चल दी। अधिकारियों ने रेल रोके जाने की बात को नकार दिया है।
पश्चिमी यूपी में बेंच को आंदोलन
दो मिनट के स्टॉपेज पर रुकी थी शालीमार एक्सप्रेस
नया गाजियाबाद पर ट्रेन के सामने उतरी वकीलों की भीड़
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए खुद ही ट्रैक से हट गए वकील