अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के सभी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज के लिए न्यूनतम मानक तय होने चाहिए। इससे मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और भारतीय अस्पतालों की पहचान विश्व स्तर पर बनेगी। यह बातें नीति आयोग के सदस्य प्रो. डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा मंगलवार को कही। वह फिक्की की ओर से आयोजित 20वें ‘फिक्की हील 2026’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य डेटा का सही इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से इलाज को बेहतर बनाया जा सकता है। इसका लाभ भारत के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के देशों को भी मिलेगा।
डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि मरीजों को समय पर उचित इलाज देने के साथ उन्हें आर्थिक बोझ से बचाना भी जरूरी है। बढ़ती गैर-संचारी बीमारियों को देखते हुए रोकथाम, शुरुआती पहचान और समय पर उपचार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने निजी अस्पतालों से छोटे शहरों में भी सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की। मेडिकल एक्सीलेंस जापान के सीईओ डॉ. केंजी शिबुया ने भारत और जापान के बीच स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पांच रिपोर्ट जारी की गईं। इनमें डिजिटल स्वास्थ्य कौशल, स्वच्छ हवा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी-निजी भागीदारी और उत्तर प्रदेश में स्मार्ट आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल से संबंधित रिपोर्ट शामिल हैं।