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खूनी संघर्ष रोकने में नाकाम रहे एसएसपी लाइन हाजिर

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नोएडा के कनावनी कांड की दूसरी गाज थाना प्रभारी पर गिरी है। रविवार को सेक्टर-58 थाना प्रभारी एसके यादव को हिंसा रोकने में नाकाम रहने पर एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने लाइन हाजिर कर दिया है।
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मामले में तीन दिन पहले ही कनावनी के चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया था। मालूम हो कि कनावनी में खूनी संघर्ष के बाद एससी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस की लापरवाही पर कार्रवाई करने को कहा था।

आयोग इस मामले में राज्य के डीजीपी को भी तलब कर चुका है। तीन दिन पहले एसएसपी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कनावनी चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र दहिया को लाइन हाजिर कर दिया था।
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देर में क्यों पहुंची थी पुलिस?

वहीं, 28 अप्रैल की घटना के बाद थाना सेक्टर-58 थाना प्रभारी एसके यादव पर भी मामले में उंगलियां उठ रही थीं।

रविवार को कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। इनकी जगह चुनाव सेल के प्रभारी रहे चरन सिंह शर्मा ने ली है।

आरोप है कि 28 अप्रैल को दोनों पक्षों में झगड़ा होने पर सूचना के बावजूद पुलिस सवा घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। वहीं, पुलिस की मौजूदगी में दूसरे पक्ष द्वारा फायरिंग और तोड़फोड़ की गई।
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दबंगों से मिलीभगत का आरोप

28 अप्रैल की सुबह हुई मारपीट व फायरिंग में राहुल की मौत के बाद रात में भी कनावनी में आरोपी के स्कूल को जेसीबी से ढहा दिया गया था।

दलितों ने थाना प्रभारी पर देशराज कसाना, इंदर कसाना, पृथ्वी कसाना व संतराज कसाना के साथ मिलीभगत आरोप लगाते हुए दावा किया था कि थाना प्रभारी व एक प्रशासनिक अधिकारी व इन तीनों की कॉल डिटेल की जांच की जाए तो पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ जाएगी।

वहीं इस हादसे से एससी कमीशन पुलिस की कार्रवाई से खासा नाराज है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में हालात से निपटने में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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