परियोजना पर तीन करोड़ से ज्यादा खर्च
फुटबॉल मैदान बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने उद्यान विभाग को करीब 2 करोड़ रुपये दिए हैं। कई स्कूलों में पोर्टा केविन बने हैं और पुराने भवनों के ढांचे खड़े हैं। इन्हें हटाने के लिए मेंटेनेंस विभाग को अलग एक करोड़ रुपये दिए गए हैं। स्टेडियम और स्कूलों को भी कई तरह के नवनिर्माण के लिए पैसे दिए गए हैं। निगम ने 2021-22 में नजफगढ़ जोन में फुटबॉल ट्रेनिंग के लिए दो क्लस्टर बनाए थे, यहां ट्रेनिंग ले रहे छात्रों के प्रदर्शन को देखकर निगम ने अब पश्चिमी, नरेला, रोहिणी, केशवपुरम, सिविल लाइंस, शाहदरा नॉर्थ जोन में हरएक में दो-दो क्लस्टर बनाकर ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है।
पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा खेल के मैदान
पूर्वी दिल्ली में सबसे ज्यादा खेल के मैदान विकसित किए जा रहे। यमुना विहार, गोकलपुरी, दिलशाद गार्डेन, करावल नगर, वसुंधरा एनक्लेव, बपरौला और कांति नगर प्राइमरी स्कूलों के अंदर बच्चों के लिए फुटबॉल का मैदान बनाया जा रहा। इसके अलावा पश्चिमी, नरेला, रोहिणी, केशवपुरम, सिविल लाइंस जोन में भी करीब दो-दो स्कूलों में स्कूल ग्राउंड बनाए जा रहे।
बाल निधि से खरीदी जाएगी खेल सामग्री
एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को शिक्षा विभाग 100 रुपये बाल निधि देता है। इस पैसे से खेल सामग्री खरीदी जाएगी। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है, ये परियोजना जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी। खेल सुविधाएं और बढ़ाई जाएंगी। मौजूदा समय बच्चों को खेलों की तरफ लेकर जाने के लिए उत्साहित करने की ड्यूटी स्कूल टीचर्स को दी गई है।
बैडमिंटन ट्रेनिंग के लिए एक क्लस्टर
बैडमिंटन की ट्रेनिंग देने के लिए निगम ने ग्रास रूट प्रोजेक्ट शुरू किया है। शाहदरा उत्तरी, शाहदरा दक्षिणी, केशवपुरम, दक्षिणी, सीटी एसपी, और नजफगढ़ जोन के स्कूलों के बच्चों को इसके अंतर्गत ट्रेनिंग दी जाएगी। शाहदरा बैडमिंटन मिनी स्टेडियम और केशवपुरम में रानी झांसी इंडोर स्टेडियम में बच्चों को एक साथ बैडमिंटन की ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआत में स्कूल टीचर्स ही बच्चों को ट्रेनिंग देेंगे। अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट सफल रहा तो छात्रों के लिए बाहर से कोच का इंतजाम किया जाएगा।