तावड़ू कस्बा व आसपास क्षेत्र के किसानों को पालक की खेती अच्छी खासी रास आई हैं। किसानों की माने तो इससे उन्होंने अच्छा खासा मुनाफा कमाया हैं।
कस्बा व आसपास क्षेत्र के किसानों ने आयरन सब्जी के नाम से मशहूर पालक की खेती करने से उपज के अच्छे दाम मिलने से उन्हें यह खेती अच्छी खासी रास आई हैं तथा किसानों ने एक कनाल पालक की बिक्री 15 हजार रूपये में हुई हैं। जबकि इसमें उनका मात्र 3 से 4 हजार का खर्चा आया हैं।
किसान मांगेराम सहरावत, हुकम सिंह, पूरन सिंह, लीलू उर्फ राजेंद्र, सतपाल शर्मा, अख्तर अली, जसवंत सिंह, गागन गुर्जर, मुकेश कुमार, अजीत सिंह, प्रेम सिंह, भूप सिंह आदि किसानों ने बताया कि मण्डी में इस बार पालक की बिक्री के अच्छे दाम मिलने से यह फसल अच्छी रास आई हैं।
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उन्होंने बताया कि उनकी 10 से 12 रूपये प्रति किलो की दर से पालक की बिक्री हो रही हैं जबकि 1 कनाल भूमि में 15 हजार रूपये तक मिल रहे हैं। पालक में इस बार किसी भी तरह के कीडे़ व मौसम की मार नहीं पड़ने से लागत कम व मुनाफा अच्छा मिला हैं।
मंडी में बाजरे की आवक जोरों पर
तावड़ू मंडी में खरीफ फसल की जिन्स बाजरे की आवक जोरों पर हैं लेकिन सरकार ने अभी तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की हैं, इससे किसानों को कारणवश अपनी उपज आढतियों के यहां बेचनी पड़ रही हैं। बाजारे की 1050 से 1100 रूपये प्रति कुंवटल की दर से बिक्री हो रही हैं।
हांलाकि, क्षेत्र के किसान संगठनों के अलावा राजनीतिक दलों से जुडे़ लोगों ने बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कराने के लिए कई बार स्थानीय व जिला प्रशासन तक इसकी फरियाद भी की हैं लेकिन कोरे आश्वासनों के सिवाए उन्हें कुछ नहीं मिल रहा हैं।
आरटीआई जागृति मंच से जुडे़ वेद प्रकाश अदलखा, एडवोकेट सेंटी मक्कड़, नंबरदार अकबर अली, गांव रंगाला के सरपंच अख्तर अली, गांव सहसोला के सरपंच अब्दुल हमीद, किसान नेता हसीन एडवोकेट, असरूद्दीन, सुरेंद्र सिंह नंबरदार, एडवोकेट जसवंत गुर्जर, हरिश मलिक व योगेश शर्मा ने बताया कि सरकार ने रवि व खरीफ की फसलों के मूल्य निर्धारित कर रखे हैं।
इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज बिक्री पर पर्याप्त मुल्य नहीं मिल पा रहा हैं। उन्होंने बताया कि किसान की माली हालत ठीक ना होने से वह कारणवश अपनी उपज को निजि आढतियों के यहां बेच रहा हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने खरीफ की फसलों के मुल्य निर्धारित कर रखे हैं लेकिन किसानों को खासकर बाजरे पर उचित मुल्य नही मिल रहा हैं। उन्होंने सरकार से तुरंत प्रभाव से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कराने की अपील की हैं।