विश्वबंधुत्व की सम्यक स्थापना से पृथ्वी पर सुख और शांति आएगी। इस विचार को मानने वाले अनेक लोगों को अब यह विश्वास हो गया है कि मृत्युंजय महावतार बाबा जी सशरीर उपस्थित हैं।
विश्वबंधुत्व की सम्यक स्थापना से पृथ्वी पर सुख और शांति आएगी। इस विचार को मानने वाले अनेक लोगों को अब यह विश्वास हो गया है कि मृत्युंजय महावतार बाबा जी सशरीर उपस्थित हैं। बाबा जी समस्त दृश्य और अदृश्य सृष्टियों से अपार प्रेम करते हैं और सभी रचनाओं में एकत्व की स्थिति में रहते हैं। क्रियायोग-सनातन धर्म में इस अवस्था को कैवल्य अवस्था कहा जाता है।
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क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान प्रयागराज के संस्थापक एवं अध्यक्ष स्वामी योगी सत्यम ने बताया कि इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए पांच जून को रामलीला मैदान, दिल्ली में वैदिक शिक्षा एवं क्रियायोग-सनातन धर्म का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। इसमें भारत सहित दुनिया के कई देशों के योग साधक हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। यह आयोजन रामलीला मैदान, पांडव नगर में बापू नेचर केयर के नजदीक सुबह छह बजे से किया गया है। बता दें कि इससे पूर्व क्रिया योग गुरु स्वामी योगी सत्यम सनातन धर्म क्रिया योग की अंतरराष्ट्रीय प्रचार यात्रा के तहत स्विटजरलैंड और फ्रांस में क्रिया योग की कक्षाएं चलाकर दिल्ली लौटे हैं।