पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि विजय नगर थाने में 22 अप्रैल 2022 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसके कमरे के नीचे वाले कमरे में दिलशाद अपने रिश्तेदार के घर रहने आया था। उसने महिला के बेटे को पकड़ लिया था, जिसे छुड़ाने गई बेटी के साथ दुष्कर्म किया। मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ प्रथम स्वतंत्र कुमार सिंह ने की थी।
उन्होंने 24 घंटे के भीतर दिलशाद को गिरफ्तार किया था। घटनास्थल से साक्ष्यों को एकत्र कर पीड़िता और अभियुक्त का डीएनए प्रोफाइल तैयार कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा। इसके बाद छह जून को आरोप पत्र अदालत में पेश कर दिया।
पॉक्सो कोर्ट में एक जुलाई से सुनवाई शुरू हुई। पांच अगस्त तक दस गवाहों के बयान दर्ज हो चुके थे। आठ अगस्त को आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने 11 अगस्त को फैसला सुनाया। बचाव पक्ष की तरफ से दो गवाह पेश किए गए थे।