जेएनयू में देशद्रोह नारे लगाने मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई है। दक्षिण जिला पुलिस ने मामले की तफ्तीश ट्रांसफर करने को लेकर शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा था।
दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने शनिवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि एक दो दिन में पूरा मामला स्पेशल सेल के पास चला जाएगा। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण जिला पुलिस ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर मामले की तफ़्तीश दूसरी राष्ट्रीय जांच एजेंसी को देने के लिए कहा था।
पत्र में तफ्तीश ट्रांसफर करने के लिए कई आधार बताए गए थे। इसमें कहा गया था कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ही कर सकती है।
इन तर्कों के आधार पर स्पेशल सैल को सौंपी जांच
दूसरा तर्क दिया गया था कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में जो तीन आरोपी कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य गिरफ्तार किए गए हैं वे पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
तीसरा तर्क ये दिया गया था कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में बाहरी लोग शामिल हैं। ये बाहरी लोग दिल्ली से बाहर के हैं। इस कारण जिला पुलिस को तफ्तीश में परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले दक्षिण जिला पुलिस ने 11 फरवरी को देशद्रोह की एफआईआर दर्ज होने के बाद 12 फरवरी को पुलिस मुख्यालय को मामले की तफ्तीश राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी को देने के लिए पत्र लिखा था।
खालिद व अनिर्बन की रिमांड दो दिन बढ़ी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी एक्ट 2008 भी कहता है कि अगर कोई मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है तो स्थानीय पुलिस एफआईआर दर्जकर शुरुआती जांच कर सकती है।
इसके बाद मामला जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपना होगा। एनआईए एक्ट ये भी कहता है कि राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद 24 घंटे में एनआईए को इसकी जानकारी देनी होगी। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की जांच करती है।
वहीं दूसरी ओर जेएनयू मामले में गिरफ्तार उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य का रिमांड शनिवार को कोर्ट ने दो दिन के लिए बढ़ा दिया। पुलिस ने तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद दोनों आरोपियों को एक सुरक्षित स्थान पर जज के समक्ष पेश किया था।