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नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने वाला मानव तस्कर गिरफ्तार, सिर पर था एक लाख का इनाम

Mon, 21 Jan 2019 05:19 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस ने मानव तस्कर को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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स्पेशल सेल ने नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने वाले नेपाली मानव तस्कर लोपसंग लामा को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी बीते साल मुनिरका गांव से मुक्त कराए गए 16 नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने वाला था। स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल की टीम ने एनजीओ के साथ 25 जुलाई 2018 को मुनिरका गांव में दबिश देकर 16 नेपाली लड़कियों व महिलाओं को मुक्त कराया था। 

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लोपसंग ने मुनिरका गांव में किराए पर मकान लेकर महिलाओं को छोटे-छोटे कमरे में रखा हुआ था। लड़कियों को 20-22 दिनों बाद नौकरी लगवाने के नाम पर खाड़ी देशों में भेजा जाना था। आरोपियों ने लड़कियों के पासपोर्ट व अन्य कागजात भी कब्जे में ले रखे थे। इस बाबत वसंत विहार थाने में मामला दर्ज होने पर लोपसंग नेपाल फरार हो गया था। 

इधर, एएसआई देवेंद्र को 19 जनवरी को सूचना मिली कि लोपसंग नेपाल से लौट आया है और साथी से मिलने आईएसबीटी, कश्मीरी गेट शाम के समय आएगा। इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की टीम तैयार की गई। इस टीम को बुद्धिस्ट मोनेस्ट्री की तरफ से एक व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर आरोपी कुदेशिया बैंक की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस को देखकर आरोपी यमुना नदी में कूद गया। सिपाही मनोज त्यागी भी आरोपी के पीछे यमुना नदी में कूद गया और आरोपी लोपसंग लामा (33)को यमुना नदी से पकड़ लिया। दिल्ली में आरोपी फिलहाल वजीराबाद में रह रहा था। स्पेशल सेल ने लोपसंग की गिरफ्तारी को वसंत विहार पुलिस को सूचना दे दी है।  
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गिरोह का सरगना है लोपसंग 
आरोपी नेपाली लड़कियों को नेपाल भेजने वाले गिरोह का सरगना है। ये अपने साले व अन्य साथियों के साथ इस गिरोह को चला रहा था। ये नेपाली लड़कियों को नौकरी लगवाने के बहाने कुवैत, दुबई और इराक आदि खाड़ी देशों में भेजता था। इससे अच्छा कमीशन मिलता था। ये पहले भारत में नौकरी लगवाने के नाम नेपाली लड़कियों को भारत बुलाता था। आरोपी वर्ष 2017 में लड़कियों को खाड़ी देशों में भेज रहा था।

नेपाल से लौटकर वजीराबाद में डाल रखा था डेरा
आरोपी वसंत विहार थाने में मामला दर्ज होने के बाद नेपाल भाग गया था। इसके बाद ये अक्तूबर दिल्ली वापस आकर वजीराबाद में रह रहा था। आरोपी फिर से फर्जी दस्तावेजों से नेपाली लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने की तैयारी कर रहा था। आरोपी ने बताया कि वह अब तक करीब 30 लड़कियों को खाड़ी देशों में भेज चुका है। कुछ लड़कियां भारत वापस आईं हैं, जो गर्भवती हैं। आरोपी के पिता असम राइफल्स से रिटायर्ड हुए हैं। जांच में पता लगा है कि वह एक लड़की को खाड़ी देशों में भेजने पर 30 से 50 हजार रुपये कमीशन लेता था।   

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