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निकिता हत्याकांड: तीन राज्यों में सुलग रही विरोध की चिंगारी, दिल्ली के हिंदूवादी संगठन भी सक्रिय

Fri, 30 Oct 2020 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा संजय शिशौदिया, फरीदाबाद
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इंसाफ की खातिर... - फोटो : amar ujala
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बल्लभगढ़ के अग्रवाल कॉलेज गेट पर बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर की सरेआम हत्या के बाद से विरोध की चिंगारी हरियाणा समेत तीन राज्यों में सुलगने लगी है। इस हत्याकांड के बाद से ही जहां यूपी के साठा-चौरासी में लोगों में आक्रोश है, वहीं दिल्ली के कुछ हिंदूवादी संगठन भी इस मामले को लेकर सक्रिय हो गए हैं। 

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बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने भी सेक्टर-8 स्थित महाराणा प्रताप भवन में जल्द न्याय नहीं मिलने पर दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम की चेतावनी दी है। ऐसे में स्थानीय पुलिस-प्रशासन की जरा सी लापरवाही हरियाणा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। तीनों ही राज्यों में एकजुट हो रहे विभिन्न संगठनों ने सरकार को इशारा कर दिया है कि जल्द ही हत्यारों को सख्त सजा नहीं मिली तो सरकार आंदोलन के लिए तैयार रहे। 

साठा-चौरासी में पंचायत में बदल गई शोकसभा
बुधवार को यूपी के हापुड़ जिले स्थित गांव रघुनाथपुर में निकिता की हत्या पर एक शोकसभा का आयोजन किया गया था। रघुनाथपुर निकिता के पिता मूलचंद तोमर का पैतृक गांव है। सुबह गढ़मुक्तेश्वर में निकिता की अस्थियां गंगा में विर्सजित किए जाने के बाद भाई नवीन और परिवार के अन्य लोग भी इस शोकसभा में पहुंचे थे। हापुड़ में यह इलाका साठा-चौरासी के नाम से जाना जाता है। यहां ठाकुर बहुल 84 गांव हैं। ऐसे में गांव की बेटी की शोकसभा का जिसे भी पता चला, वह गांव रघुनाथपुर जा पहुंचा। 
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देखते ही देखते शोकसभा ने पंचायत का रूप ले लिया। इसमें विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल, भारतीय किसान संगठन, करणी सेना आदि के पदाधिकारी भी पहुंचे। इस पंचायत में निर्णय हुआ है कि अगर जल्द ही गांव की बेटी के हत्यारों को फांसी नहीं दी गई तो हरियाणा से लेकर यूपी तक लोग सड़कों पर होंगे। बृहस्पतिवार शाम के समय भी साठा-चौरासी के गांव गालंद से जिंदल नगर तक युवा एकता समिति के नेतृत्व में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। शुक्रवार को भी स्थानीय लोग इस हत्याकांड के विरोध में गांव रघुनाथपुर से डीएम कार्यालय प्रीत विहार तक पदयात्रा किए जाने की घोषणा कर चुके हैं।

दिल्ली के हिंदूवादी संगठन भी रखे हैं नजर
निकिता हत्याकांड के मामले में हिंदूवादी संगठन भी पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुरेंद्र जैन ने बुधवार को निकिता की मौत को जबरन धर्म परिवर्तन का मामला करार दिया था। दिल्ली से हिंदू आर्मी संगठन से जुड़े कई सदस्य संजीव भाटी के नेतृत्व में फरीदाबाद पहुंचे थे। बिटिया के परिजनों से मिलने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने इस बात पर आशंका जताई थी कि इलाके में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दिल्ली से आए इन लोगों ने सोहना रोड पर कुछ देर के लिए जाम भी लगाया था।

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