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वॉर्ड में चिंगारी उठी, फिर फैल गया चारों ओर धुआं, एक पल के लिए थम गई थीं सांसें

Fri, 08 Feb 2019 07:24 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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metro hospital fire - फोटो : अमर उजाला
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मां को दिल को दौरा पड़ा था। वे मेट्रो अस्पताल की दूसरी मंजिल के वॉर्ड में भर्ती थीं। उस दौरान मां से मिलने के लिए परिवार के और भी लोग आए हुए थे। एक-एक करके मां से मिल रहे थे, तभी अचानक कमरे में धुआं भरने लगा। इसके बाद आग फैलने लगी और चिल्लाने की आवाज आने लगी। एक पल को तो समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। लोग चिल्ला रहे थे।
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मैं आवाज सुनकर घबरा गई। कुछ देर के लिए मानो सांसें थम गई थीं। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिरी क्या करूं। ये कहते हुए मीरा की आंखों से आंसू गिरने लगे। मीरा ने बताया कि उस दौरान अस्पताल के कुछ स्टाफ ने बहुत समझदारी से काम लिया। वॉर्ड में कुछ लोग आए और जल्दी से खाली करने के लिए बोला। अस्पताल कर्मी मरीजों को जल्दी-जल्दी अस्पताल से बाहर लेकर गए। मां को भी फटाफट नीचे पहुंचाया और दूसरी एंबुलेंस से सेक्टर-11 के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। 

बेहोश हुआ शख्स तो शीशे तोड़ने पड़े
आग के बाद अस्पताल परिसर में धुआं भर गया था। अंदर लोगों की मदद करने वाला एक शख्स धुएं की वजह से बेहोश हो गया था। उसेे फटाफट एंबुलेंस से ले जाया गया। इसके बाद अन्य लोगों की हालत बिगड़ते सेे तेजी से बिल्डिंग के शीशे तोड़ने शुरू किए गए, ताकि धुआं बाहर निकल सके।
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बालकनी में आकर मदद की लगाई गुहार
जो मरीज बाहर नहीं निकल पा रहे थे, वे अस्पताल की बालकनी में आकर मदद की गुहार लगा रहे थे। धुएं से मरीजों व तीमारदारों की हालत खराब हो रही थी। अस्पताल के नीचे खड़े लोग उन्हें बार-बार बोल रहे थे कि मदद के लिए लोग आ रहे हैं।

सेक्टर-11 अस्पताल में विदेशी मरीज घबराकर बाहर आए
आग लगने पर जब सेक्टर -12 अस्पताल से मरीजों को सेक्टर-11 के अस्पताल लाया गया तो अफरातफरी मच गई। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ लग गई थी। ऐसे में विदेशी मरीज घबराकर अस्पताल से बाहर आ गए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने बाद में उन्हें समझाकर अंदर भेजा।
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