वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मणों को लुभाने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत राजधानी लखनऊ में भगवान परशुराम की 108 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। गुरुकुल और शोध संस्थान भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए अयोध्या रोड और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस पर जमीन देखी गई है। जल्द ही किसी एक को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सपा सरकार में काबीना मंत्री रहे अभिषेक मिश्र ने शुक्रवार को जयपुर में भगवान परशुराम की प्रतिमा के मॉडल देखे। उन्होंने राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात मूर्तिकार पद्मश्री अर्जुन प्रजापति के साथ बैठक भी की। वह इससे पहले गुजरात और उड़ीसा जाकर मूर्तिकारों से चर्चा कर चुके हैं।
मिश्र ने बताया कि भगवान परशुराम की प्रतिमा के साथ ही गुरुकुल भी शुरू किया जाएगा। इसमें 100 मेधावी छात्र-छात्राओं को सिविल सेवा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाएगी। उन्हें रहने, खाने-पीने से लेकर किताब व कोचिंग तक की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
अभिषेक मिश्र ने बताया कि शोध केंद्र में भारतीय आध्यात्मिक दर्शन, खासकर प्राचीन संगीत का डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय संगीत का संरक्षण करना है। यह महत्वपूर्ण विधा धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा, गुरुकुल व शोघ केंद्र का कार्य परशुराम चेतना केंद्र ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा। इसमें निजी संस्थानों व समाज का सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, मेरे साथ लम्भुआ (सुल्तानपुर) के पूर्व विधायक संतोष पांडेय भी इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि प्रतिमा स्थापना का निर्णय 2022 के विधानसभा चुनाव को देखकर किया गया है। सपा की नजर प्रदेश में खासी आबादी वाले ब्राह्मण वोटों पर है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की सबसे ऊंची प्रतिमा लगाने के साथ ही उनके नाम पर देश का सबसे बड़ा पार्क बनाया गया था।
परशुराम जयंती पर घोषित होगा अवकाश
पूर्व काबीना मंत्री ने कहा कि सपा सरकार ने भगवान परशुराम की जयंती पर अवकाश घोषित किया था। भाजपा सरकार ने इसे समाप्त कर दिया है। सपा सरकार बनने पर फिर परशुराम जयंती पर अवकाश घोषित किया जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से इस संबंध में उनकी वार्ता हो चुकी है।