विधानसभा क्षेत्र से लेकर राज्य कमेटियां तक भंग हो जाने के बाद अब सपा संगठन में बदलाव किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं का चुनावी प्रदर्शन कैसा रहा? उनके क्षेत्रों में पार्टी को कितने वोट मिले? चुनाव में उनकी गतिविधियां कैसी रहीं। इसी के आधार पर जल्द ही नई टीम खड़ी की जाएगी। संगठन में नई ऊर्जा के साथ ही अनुभव को भी तरजीह दी जाएगी।