दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने शुक्रवार को 29 गांवों को शहरीकृत घोषित कर दिया। इन गांवों के शहरीकृत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उत्तरी दिल्ली नगर निगम हाल में ही 33 गांवों को शहरीकृत घोषित कर चुका है।
एसडीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को सदन की बैठक में कहा कि शहरीकृत घोषित होने से इन गांवों के विकास में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि 29 गांवों को शहरीकृत गांव घोषित करने के लिए काफी समय से प्रक्रिया चल रही थी।
शहरीकृत घोषित गांवों में साउथ जोन में छतरपुर, सेदुलाजाब, राजपुर खुर्द, मैदान गढ़ी, सतबढ़ी/सतबीरी, सहूरपुर, गदईपुर, आया नगर, जेनापुर, भाटी, सुल्तानपुर और असोला शामिल हैं। दक्षिणी पूर्वी जोन में 7 गांव हैं, जिनमें पुल प्रहलादपुर, जैतपुर, ताजपुर, मीठापुर, मोलरबंद, आली और कोटला महिग्रान शामिल हैं।
दक्षिण पश्चिम जोन में 4 गांव शामिल हैं, जिनमें झाड़ौदा कलां, कापसहेड़ा, मित्राऊं और सालापुर शामिल हैं। नई दिल्ली जोन के रंगपुरी, रजोकरी, समालखा और घिटोरनी गांव शामिल हैं।
उधर, आया नगर के निगम पार्षद वेदपाल ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि शहरीकृत गांव घोषित करने से इन गांवों में डेयरी नहीं चल पाएंगी। उन्होंने स्थायी समिति अध्यक्ष से मांग की कि इन शहरीकृत गांवों में भी लोगों को डेयरी चलाने की व्यवस्था की जाए।