23.6 किमी लंबे कॉरिडोर का 83.58 फीसदी काम पूरा, 15 में से 11 स्टेशन भूमिगत, चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी सेवा
भूमिगत हिस्सों में साझा मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की, 2जी, 3जी, 4जी और 5जी सेवाओं के लिए तैयार होगा साझा ढांचा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के कई बड़े इलाकों को मेट्रो से जोड़ने वाली गोल्डन लाइन के यात्रियों के लिए इस साल इंतजार खत्म हो सकता है। दिल्ली एयरोसिटी से तुगलकाबाद के बीच बन रहे 23.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को साल के अंत तक चरणबद्ध तरीके से यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी है। कॉरिडोर पर 15 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें 11 भूमिगत और चार एलिवेटेड हैं। डीएमआरसी के अनुसार, 83.58 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
गोल्डन लाइन शुरू होने के बाद महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, नेब सराय, साकेत, अंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार और तुगलकाबाद समेत दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों को मेट्रो की सीधी सुविधा मिलेगी। कॉरिडोर दिल्ली एयरोसिटी से शुरू होकर महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, छतरपुर मंदिर, इग्नू, नेब सराय, साकेत जी-ब्लॉक, अंबेडकर नगर, खानपुर, संगम विहार-तिगड़ी, आनंदमयी मार्ग और तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी होते हुए तुगलकाबाद तक पहुंचेगा।
भूमिगत स्टेशनों और टनल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से यात्रियों को राहत देने की भी तैयारी है। डीएमआरसी 11 भूमिगत स्टेशनों और टनल वाले हिस्से में साझा मोबाइल नेटवर्क का ढांचा तैयार कर रहा है। इसमें 2जी, 3जी, 4जी और 5जी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। नेटवर्क की उपलब्धता 99.95 फीसदी से अधिक रखने का लक्ष्य है। इससे अलग-अलग मोबाइल कंपनियों को अलग नेटवर्क ढांचा बनाने की जरूरत नहीं होगी।
भूमिगत हिस्से में दिल्ली पुलिस की वायरलेस सेवा को भी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त पोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। 800 मेगाहर्ट्ज बैंड में पुलिस की वायरलेस सेवा को जोड़े जाने से टनल और स्टेशन के भीतर भी पुलिस का संपर्क बना रहेगा।
चार जगह दूसरे मेट्रो मार्गों से जुड़ाव
गोल्डन लाइन पर चार इंटरचेंज यात्रियों के लिए अहम होंगे। दिल्ली एयरोसिटी पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, छतरपुर पर येलो लाइन, साकेत जी-ब्लॉक पर प्रस्तावित दूसरे कॉरिडोर और तुगलकाबाद पर वॉयलेट लाइन से इसका जुड़ाव होगा। इससे दक्षिण दिल्ली के यात्रियों को दूसरे मेट्रो मार्गों पर जाने के लिए कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरोसिटी-महिपालपुर क्षेत्र के यात्रियों को एयरपोर्ट एक्सप्रेस से सीधे जुड़ने का लाभ मिलेगा।
आगे तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से टर्मिनल-1 तक विस्तार
गोल्डन लाइन को आगे भी विस्तार देने की योजना है। चरण-5ए के तहत तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एयरोसिटी से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-1 तक विस्तार को मंजूरी दी गई है। दोनों विस्तारों को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।