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Delhi NCR News: दक्षिण दिल्ली में सबसे ज्यादा मतदाता घटे, फीसदी में नई दिल्ली अव्वल

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तीन लोकसभा क्षेत्रों में जितने मतदाताओं के नाम कटे, उससे कम 2024 लोक सभा में विजेताओं को मिले थे वोट
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विनोद डबास
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सातों लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी सामने आई है। संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा असर दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में पड़ा है, जबकि पुराने मतदाता आधार के अनुपात में नई दिल्ली सबसे आगे है। कई क्षेत्रों में मौजूदा ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर मतदाताओं की संख्या वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में विजेता उम्मीदवार को मिले मतों से भी अधिक है।
दक्षिण दिल्ली में एसआईआर से पहले 22,25,729 मतदाता थे। ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 13,60,147 रह गई है। यानी 8,65,582 मतदाता, पुराने आधार के 38.89 प्रतिशत, फिलहाल सूची में नहीं हैं। यह सातों क्षेत्रों में सबसे बड़ी संख्या है और 2024 में विजेता रामवीर सिंह बिधूड़ी को मिले 6,92,832 मतों से भी करीब 1.73 लाख अधिक है।
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पूर्वी दिल्ली में 21,11,995 से घटकर मतदाताओं की संख्या 13,15,237 रह गई है। यहां 7,96,758 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, जो पुराने मतदाता आधार का 37.73 प्रतिशत है। यह संख्या 2024 में विजेता हर्ष मल्होत्रा को मिले 6,64,819 मतों से करीब 1.32 लाख अधिक है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पहले 24,96,469 मतदाता थे, जो सातों क्षेत्रों में सर्वाधिक थे। अब इनकी संख्या 17,17,452 है। यानी 7,79,017 मतदाता ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। यह पुराने आधार का 31.20 प्रतिशत है। हालांकि यह संख्या 2024 में विजेता मनोज तिवारी को मिले 8,24,451 मतों से कम है।
नई दिल्ली में प्रतिशत के लिहाज से सबसे बड़ी गिरावट
नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में संख्या की कमी दक्षिण दिल्ली से कम है, लेकिन अनुपात के लिहाज से यही सबसे आगे है। यहां 14,45,963 मतदाताओं में से 5,64,062 के नाम मौजूदा ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। यानी 39.01 प्रतिशत मतदाता पुराने आधार की तुलना में बाहर हैं। यह संख्या 2024 में विजेता बांसुरी स्वराज को मिले 4,53,185 मतों से करीब 1.11 लाख अधिक है।
चांदनी चौक में मतदाताओं की संख्या 15,46,520 से घटकर 10,53,864 रह गई है। यहां 4,92,656 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, जो पुराने आधार का 31.86 प्रतिशत है। यह संख्या 2024 में विजेता प्रवीण खंडेलवाल को मिले करीब 5,16,946 मतों से कम है।
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 23,23,979 से घटकर 16,75,649 मतदाता रह गए हैं। यहां 6,48,330 नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, यानी 27.90 प्रतिशत की कमी। यह 2024 में विजेता योगेंद्र चंदोलिया को मिले मतों से कम है।
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पश्चिमी दिल्ली में 23,59,644 मतदाताओं के मुकाबले अब 17,40,726 नाम ड्राफ्ट सूची में हैं। 6,18,918 मतदाता फिलहाल सूची में नहीं हैं। यह पुराने आधार का 26.23 प्रतिशत है और सातों लोकसभा क्षेत्रों में सबसे कम अनुपात है। यहां भी यह संख्या 2024 में विजेता कमलजीत सहरावत को मिले मतों से कम है।
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