बीमारी से जूझ रहे दो मरीजों की मदद के लिए सामने आए राजेंद्र और सोफिया ने सौहार्द की एक नई मिशाल पेश की है। 56 वर्ष के राजेंद्र और 28 वर्ष की सोफिया उन दो मरीजों को किडनी देकर जान बचाने जा रहे हैं, जिनका ब्लड ग्रुप मैच न होने पर परिजन किडनी डोनेट नहीं कर सकते थे। ऐसे समय पर नूर हसन को राजेंद्र और रोहित को सोफिया किडनी डोनेट करनी जा रही हैं, जिनके कागजों की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने किडनी डोनेट करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
सीएमओ डा. एनकेगुप्ता ने बताया कि दोनों की कागजातों की जांच के बाद किडनी डोनेट की अनुमति दे दी गई है। मुजफ्फरनगर में रहने वाले रोहित वत्स (34) डायबिटीज के मरीज हैं, इसके चलते लगभग सात साल पहले उनकी किडनी खराब हो गई। रोहित की लगातार डायलिसिस चल रही है। डॉक्टर ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। इसके लिए उनके पिता राजेंद्र कुमार अपनी किडनी दान करने के लिए तैयार थे लेकिन, ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने के कारण ट्रांसप्लांट नहीं हो सका।
वहीं, हापुड़ में रहने वाले नूर हसन (25) की हाई ब्लड प्रेशर के चलते किडनी खराब हो गई थी। उन्हें भी डॉक्टर ने ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। नूर हसन की पत्नी बेबी सोफिया किडनी देने को तैयारी थीं लेकिन, उनका भी ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने के चलते ट्रांसप्लांट नहीं हो सका।
सीएमओ का कहना है कि कुछ समय पहले दोनों ने वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में उपचार शुरू करवाया। जहां उनके लिए डोनर की तलाश की जा रही थी। दोनों का ट्रीटमेंट करने वाले नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स ने जब उनकी जांच को तो पता चला कि नूर हसन का ब्लड ग्रुप राजेंद्र कुमार से मैच करता है और रोहित वत्स का ब्लड ग्रुप सोफिया से मैच करता है। इस पर डॉक्टरों के पैनल ने दोनों परिवारों की काउंसलिंग की और बताया कि आप दोनों एक दूसरे को किडनी डोनेट कर सकते हैं।
इस पर दोनों परिवारों में सहमति बन गई। दोनों की ओर से बृहस्पतिवार को मानव अंग प्रत्यारोपण समिति के सामने आवेदन किया गया। डीएम की अध्यक्षता में समिति ने दोनों के कागजातों की जांच की और सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें डोनेशन और प्रत्यारोपण की अनुमित दे दी गई।