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यूपी में जल्द ही ई-रजिस्ट्री प्रणाली का आगाज

Sat, 14 Jun 2014 01:18 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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यूपी में जल्द ही ई-रजिस्ट्री प्रणाली का आगाज होने जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि स्टाफ की कमी के चलते नई योजना आउट सोर्सिंग के जरिए शुरू कराई जाएगी। पासपोर्ट की तरह इसके लिए किसी निजी कंपनी से करार किया जा सकता है।
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नई व्यवस्था शुरू होने के बाद रजिस्ट्री कराने से पहले पासपोर्ट की तर्ज पर ऑनलाइन आवेदन करके एप्वाइंटमेंट लेना होगा। अगस्त-सितंबर में नई योजना का ट्रायल शुरू करने की कवायद की जा रही है। नेशनल लैंड रिकार्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम (एनएलआरएमपी) के तहत केंद्र और राज्य सरकार इस योजना पर मिलकर काम कर रही हैं।

अपर आयुक्त स्टांप अजय यादव ने बताया कि ई-स्टांपिंग के बाद शासन ई-रजिस्ट्री प्रणाली पर काम कर रहा है। नई व्यवस्था ठीक पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह काम करेगी। किसी भी प्रापर्टी की रजिस्ट्री के लिए पहले उसका ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को पासपोर्ट की तर्ज पर ही एप्वाइंटमेंट दी जाएगी। इसकी सूचना उसके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से भी दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित दिन और समय पर आवेदक विक्रेता के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचेगा।

ऑनलाइन आवेदन में स्टांप आदि सभी औपचारिकताएं पूर्व में ही पूरी हो चुकी होंगी, ऐसे में अंतिम स्टेज में क्रेता-विक्रेता के थम इंप्रेशन और भौतिक सत्यापन का कार्य चंद मिनट में ही पूरे कर लिए जाएंगे।

एप्वाइंटमेंट में यह भी निर्धारित होगा कि रजिस्ट्री के लिए कुल कितने लोग सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होंगे। 6 से 10 मिनट के अंदर ही रजिस्ट्री का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसकेसाथ ही रजिस्ट्री का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन कर दिया जाएगा।

इंटरनेट पर अपर आयुक्त के अनुसार नई योजना तीन चरण में शुरू की जाएगी। पहले चरण में जिले के सभी सब-रजिट्रार कार्यालयों को एक किया जाएगा। इसके बाद मंडल और तीसरे चरण में पूरे प्रदेश को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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नई योजना का फायदा यह होगा कि यूपी के किसी भी जिले में बैठकर ही बाकी जिलों की प्रापर्टी की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
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